केदारनाथ यात्रा के पुराने ट्रैक पर आवाजाही प्रतिबंधित, सुरक्षा एजेंसियों ने खतरों का तोड़ निकाला

शि.वा.ब्यूरो, नई दिल्ली। यात्री निर्माणाधीन पुराने केदारनाथ पैदल मार्ग से आवाजाही नहीं कर सकेंगे। प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों को यात्रियों की सुरक्षा के मद्देनजर मार्ग पर आवाजाही रोकने के निर्देश दिए हैं। भीमबली से गरुड़चट्टी होते हुए केदारनाथ को जोड़ने वाले इस पैदल मार्ग पर अभी सुरक्षा के इंतजाम नहीं किए गए हैं, जिससे इस पर आवाजाही यात्रियों के लिए खतरनाक हो सकती है।

बता दें कि अनुमति न होने के बावजूद यात्री इस मार्ग से भी आवाजाही कर रहे हैं। डीएम विशाल मिश्रा ने बताया कि निर्माणाधीन भीमबली-गरुड़चट्टी-केदारनाथ पैदल मार्ग अभी पूरी तरह सुरक्षित और उपयोग योग्य स्थिति में नहीं है। निर्माण कार्य के चलते मार्ग पर लगातार पत्थर गिरने, पहाड़ दरकने. और अन्य प्राकृतिक जोखिम बने हुए हैं। ऐसे में इस मार्ग का उपयोग यात्रियों की जान के लिए खतरा बन सकता है। इसे देखते हुए मार्ग पर आवाजाही प्रतिबंधित करने का निर्णय लिया गया है। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को मार्ग पर बैरिकेडिंग, चेतावनी संकेतक और पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं। जून 2013 की आपदा में पुराना केदारनाथ पैदल मार्ग भीमबली से केदारनाथ तक पूरी तरह ध्वस्त हो गया था।

बता दें कि जम्मू-कश्मीर में तीन जुलाई से पवित्र अमरनाथ यात्रा शुरू हो रही है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने अमरनाथ यात्रा को सुरक्षित बनाने का फूलप्रूफ प्लान तैयार कर लिया है। यात्रा मार्ग पर सेना-सीएपीएफ के 50 हजार से अधिक जवानों की तैनाती की जाएगी। इसके अलावा जम्मू-कश्मीर पुलिस और केंद्रीय खुफिया इकाई को भी जिम्मेदारी सौंपी गई है। राज्य में लगभग पचास विदेशी दहशतगर्द और दर्जनों ओवर ग्राउंड वर्कर भी सक्रिय हैं। खुफिया सूचनाओं के मुताबिक अमरनाथ यात्रा के दौरान छोटी मिसाइल यानी हैंड ग्रेनेड से हमला, ड्रोन अटैक, फिदायीन हमला और आईईडी से नुकसान पहुंचाना, यह खतरा बना रहेगा। हालांकि सुरक्षा एजेंसियों ने उक्त खतरों का तोड़ निकाल लिया है।

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