शि.वा.ब्यूरो, मुजफ्फरनगर। परियोजना निदेशक जिला ग्राम्य विकास अभिकरण ने बताया कि 4 जून को मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित समस्त खण्ड विकास अधिकारियों व परियोजना निदेशक, जिला ग्राम्य विकास अभिकरण की बैठक में उक्त अपनायी जाने वाली प्रकिया के एसओपी पर विस्तृत चर्चा करते हुए रोस्टर बनाकर ग्राम सभा की खुली बैठक कराते हेतु रणनीति तैयार की गयी थी। उन्होंने बताया कि 5 जून को जनपद के समस्त ग्राम विकास अधिकारियों एवं समस्त ग्राम पंचायत अधिकारियों का प्रशिक्षण कार्यकम 2 सत्र में आयोजित किया गया। उन्होंने बताया कि भारत सरकार के निर्देशों के कम में पोस्ट डिलीशन माडयूल लागू किया है, जिसके अन्तर्गत ग्राम पंचायतों की प्राथमिकता सूची में किसी भी लाभार्थी के तथ्यों में बदलाव या नाम काटने से पहले ग्राम सभा की कार्यवाही और ऑनलाइन सत्यापन अनिवार्य होगा। उन्होंने बताया कि नई व्यवस्था का उद्देश्य पात्र लोगों को प्राथमिकता देना व सूची में मनमानी या विवाद की संम्भावानाओं को कम करना है।
उन्होंने बताया कि आवास सॉफ्ट पोर्टल से पंचायतवार व श्रेणीवार प्राथमिकता सूची डाउन लोड की जायेगी तथा लाभार्थीवार तथ्यों की सूचना डाउनलोड की जायेगी। प्राथमिकता सूची तथा लाभार्थीवार तथ्यों का सत्यापन ग्राम सभा की खुली बैठक में किया जायेगा। उन्होंने बताया कि बैठक में लिये गये निर्णय अनुसार पोर्टल पर लाभार्थी का पूरा विवरण देखने तथा अपडेट करना पारदर्शिता की व्यवस्था शासन द्वारा निर्धारित की गयी है। उन्होंने बताया कि उसके उपरान्त ग्राम सभा की कार्यवाही पोर्टल से डाउनलोड किये गये एनेक्शर ए, बी, सी के आधार पर सूचनाओं का सत्यापन कर बैठक की कार्यवाही तथा बैठक की जीयोटेग फोटो के साथ अपलोड करने की व्यवस्था की गयी है। उन्होंने बताया कि उक्त बैठके 08 से 15 जून के बीच होंगी।