गौरव सिंघल, सहारनपुर। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर सामाजिक वानिकी प्रभाग द्वारा जनपद की समस्त वन रेंजों में जनप्रतिनिधियों, विभिन्न विभागों, स्वयंसेवी संस्थाओं, विद्यार्थियों एवं स्थानीय नागरिकों के सहयोग से व्यापक वृक्षारोपण एवं पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता संवर्धन, जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभावों को कम करने तथा अधिक से अधिक वृक्षारोपण के माध्यम से हरित एवं स्वच्छ वातावरण के निर्माण हेतु जनसहभागिता को बढ़ावा देना था।
इस अवसर पर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, सहारनपुर सतेन्द्र कुमार द्वारा न्यायालय परिसर में वृक्षारोपण किया गया, रामपुर मनिहारान क्षेत्र में विधायक देवेन्द्र निम, नकुड़ क्षेत्र में विधायक मुकेश चौधरी, गंगोह क्षेत्र में विधायक किरत सिंह तथा बेहट क्षेत्र में विधायक उमर अली खान द्वारा पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी प्रभाग शुभम सिंह एवं उप प्रभागीय वनाधिकारी संवेदना चौहान सहित वन विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने सक्रिय सहभागिता की। विभिन्न गैर-सरकारी संगठनों (NGOs), स्वयंसेवकों, एन०सी०सी० कैडेट्स एवं छात्र-छात्राओं ने भी उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए पर्यावरण संरक्षण का संदेश जन-जन तक पहुँचाया। कार्यक्रम में नगर निगम का भी महत्वपूर्ण सहयोग रहा। नगर आयुक्त शिपू गिरि एवं महापौर अजय सिंह ने वृक्षारोपण अभियान में सहभागिता करते हुए नागरिकों से पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन का स्वरूप देने का आह्वान किया।
इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि बढ़ते प्रदूषण एवं जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के लिए प्रत्येक नागरिक का दायित्व है कि वह अधिक से अधिक वृक्ष लगाए तथा लगाए गए पौधों के संरक्षण का भी संकल्प ले। वृक्ष केवल पर्यावरण को शुद्ध नहीं करते, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित एवं स्वस्थ भविष्य की आधारशिला भी हैं। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न स्थलों पर छायादार, फलदार एवं पर्यावरणीय दृष्टि से महत्वपूर्ण प्रजातियों के पौधों का रोपण किया गया। साथ ही लोगों को प्लास्टिक के उपयोग को कम करने, जल संरक्षण करने तथा प्रकृति के प्रति संवेदनशील जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आयोजित इस व्यापक अभियान में जनप्रतिनिधियों, विभिन्न विभागों, स्वयंसेवी संस्थाओं, विद्यार्थियों एवं नागरिकों की सक्रिय भागीदारी ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनपद की सामूहिक प्रतिबद्धता को प्रदर्शित किया।

