त्रिवेणी शुगर मिल के परिसर में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा का दूसरा दिन, कथा व्यास ने की सुख-दुख की व्याख्या

शि.वा.ब्यूरो, खतौली। त्रिवेणी शुगर मिल के परिसर में आयोजित श्री मद्भागवत कथा के द्वितीय दिवस में कथा व्यास गंगोत्री तिवारी मृदुल महाराज ने कहा कि परमात्मा को भूलने का समय दुख नहीं, अपितु सुख है। उन्होंने कहा कि अक्सर सुख में व्यक्ति भगवान को भूल जाता है, इसलिए कुंती ने भगवान से दुख मांगा, जिससे भगवान का स्मरण बना रहे। भीष्म पितामह का प्रसंग श्रवण कराते हुए व्यास ने कहा कि जिसका भगवान के प्रति अगाध प्रेम होता है, भगवान उस पर अवश्य कृपा करते हैं। उन्होंने बताया कि भीष्म पितामह की अंतिम इच्छा थी कि भगवान का दर्शन हो जाए तो भगवान ने उन्हें दर्शन दिया। कथा व्यास ने मनुष्य के जीवन का सार समझाते हुए कहा कि मनुष्य के जीवन का लक्ष्य ऐसा होना चाहिए कि संसार में रहते हुए भी परमात्मा का स्मरण बना रहे।

इस अवसर पर डॉ0 अशोक कुमार, दीपक शर्मा व विशाल अग्रवाल ने सपत्नीक व्यास पीठ का पूजन किया व डीपी गुप्ता, डीपी सिंह, डॉ0 एएन पाण्डेय, राजेश सिंह, श्याम सुंदर शर्मा, अशोक शर्मा, एनके शर्मा, प्रवीण कुमार, आशीष भारद्वाज, पंकज शर्मा पंड़ित सुधाकर पाण्डे, आयुष शर्मा, अंजू सिंह, पुष्पा सिंह, लता सिंह, राखी शर्मा, शिवानी अग्रवाल, संगीता पाण्डेय व आरती शर्मा समेत बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। इस कार्यक्रम में उप गन्ना आयुक्त ओपी सिंह भी विशेष रूप से मौजूद रहे।

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