शि.वा.ब्यूरो, मुजफ्फरनगर। बदलते मीडिया परिदृश्य और राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 (एनईपी-2020) के उद्देश्यों के अनुरूप श्रीराम कॉलेज का पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग आगामी शैक्षणिक सत्र से अपनी शैक्षणिक, प्रशिक्षण एवं अनुसंधान गतिविधियों को नए स्वरूप में संचालित करेगा। विभाग में संचालित बीएजेएमसी एवं एमएजेएमसी कार्यक्रमों को पूर्णतः एनईपी-2020 के अनुरूप लागू किया जाएगा।
पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. ओमप्रकाश कुशवाहा ने बताया कि विभाग को केवल शिक्षण इकाई के रूप में नहीं, बल्कि ‘शिक्षण, प्रशिक्षण, अनुसंधान, नवाचार एवं सामाजिक सहभागिता केंद्र’ के रूप में विकसित किया जाएगा। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को आधुनिक मीडिया जगत की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करना है, ताकि वे रोजगार, उद्यमिता, शोध और उच्च शिक्षा के क्षेत्रों में नई संभावनाओं का लाभ उठा सकें। उन्होंने बताया कि विभाग में कक्षा शिक्षण के साथ-साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण को विशेष महत्व दिया जाएगा। विद्यार्थियों को समाचार लेखन, रिपोर्टिंग, फीचर लेखन, संपादकीय लेखन, फोटो एवं वीडियो पत्रकारिता, रेडियो कार्यक्रम निर्माण, पॉडकास्टिंग, डिजिटल कंटेंट निर्माण तथा सोशल मीडिया प्रबंधन का नियमित प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रत्येक सेमेस्टर में फील्ड आधारित असाइनमेंट और परियोजनाओं के माध्यम से विद्यार्थियों को सामाजिक, राजनीतिक, आर्थिक एवं सांस्कृतिक विषयों पर रिपोर्टिंग और विश्लेषण का व्यावहारिक अनुभव प्रदान किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप प्रत्येक विद्यार्थी के लिए इंटर्नशिप और फील्ड वर्क अनिवार्य किया जाएगा। इसके लिए विभाग स्थानीय एवं राष्ट्रीय मीडिया संस्थानों, जनसंपर्क एजेंसियों, गैर-सरकारी संगठनों और सरकारी विभागों के साथ सहयोग स्थापित करेगा, जिससे विद्यार्थियों की व्यावसायिक दक्षता और रोजगार क्षमता में वृद्धि होगी। उन्होंने बताया कि विभाग में शोध संस्कृति को भी विशेष प्राथमिकता दी जाएगी। विद्यार्थियों को शोध पद्धति, मीडिया विश्लेषण, केस स्टडी, सामग्री विश्लेषण और लघु शोध परियोजनाओं से जोड़ा जाएगा। इसके अलावा नियमित रूप से शोध कार्यशालाएं, राष्ट्रीय संगोष्ठियां, व्याख्यान मालाएं और अकादमिक संवाद आयोजित किए जाएंगे।
डॉ. कुशवाहा ने बताया कि विभाग डिजिटल मीडिया, मोबाइल पत्रकारिता, डेटा पत्रकारिता, फैक्ट-चेकिंग, सोशल मीडिया एनालिटिक्स, डिजिटल मार्केटिंग, मीडिया उद्यमिता तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित मीडिया शिक्षा पर विशेष बल देगा, ताकि विद्यार्थी पारंपरिक पत्रकारिता के साथ-साथ डिजिटल मीडिया उद्योग और स्वतंत्र मीडिया उद्यमिता के लिए भी तैयार हो सकें। उन्होंने बताया कि नई व्यवस्था के अंतर्गत प्रत्येक विद्यार्थी को एक शिक्षक-मार्गदर्शक (मेंटॉर) से जोड़ा जाएगा, जो उनकी शैक्षणिक प्रगति, कौशल विकास, शोध गतिविधियों और करियर नियोजन में सहयोग प्रदान करेगा। उन्होंने बताया कि विभाग राष्ट्रीय शिक्षा नीति की भावना के अनुरूप सामुदायिक सहभागिता को भी बढ़ावा देगा। मीडिया साक्षरता, डिजिटल जागरूकता, पर्यावरण संरक्षण, स्वास्थ्य संचार, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक विकास से जुड़े अभियानों में विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
डॉ. ओमप्रकाश कुशवाहा ने कहा कि नई शिक्षा नीति विद्यार्थियों को केवल नौकरी पाने के लिए नहीं, बल्कि समाज में नेतृत्वकारी भूमिका निभाने के लिए तैयार करती है। हमारा उद्देश्य ऐसा विभाग विकसित करना है, जहां शिक्षण, प्रशिक्षण, अनुसंधान और सामाजिक सरोकार एक साथ आगे बढ़ें। हम चाहते हैं कि हमारे विद्यार्थी केवल डिग्रीधारी न बनें, बल्कि ऐसे संचारक बनें जो समाज की चुनौतियों को समझें और उनके समाधान में सकारात्मक भूमिका निभा सकें। उन्होंने बताया कि आने वाले वर्षों में विभाग में मीडिया रिसर्च फोरम, स्टूडेंट मीडिया क्लब, डिजिटल कंटेंट क्रिएशन सेल, सामुदायिक मीडिया परियोजनाएं और उद्योग-सहयोग आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे। डॉ. ओमप्रकाश कुशवाहा ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप विभाग की यह पहल विद्यार्थियों को आधुनिक मीडिया उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करने के साथ-साथ शोध, नवाचार, सामाजिक नेतृत्व और उद्यमिता के क्षेत्र में भी नई दिशा प्रदान करेगी। शिक्षण, प्रशिक्षण और अनुसंधान के समन्वित मॉडल के माध्यम से श्रीराम कॉलेज का पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग क्षेत्र में मीडिया शिक्षा के एक नए अध्याय की शुरुआत करने जा रहा है।
