श्रीमद्भागवत कथा का अन्तिम दिवसः कथा व्यास ने दशान्श दान का महत्व समझाया

हवलेश कुमार पटेल, खतौली। श्रीमद्भागवत कथा के अन्तिम दिवस कथा व्यास नमन कृष्ण जी महाराज ने दशान्श दान पर जोर देते हुए एक ओर श्रीकृष्ण का नन्दबाबा-यशोदा और राधारानी के  बीच मार्मिक वार्तालाप से श्रद्धालुओं की आंखे आंसुओं से भर  दी, वहीं दूसरी ओर फूलों होली व भक्तिमय भजनों से झूमने पर मजबूर कर दिया। पूरे समय श्रद्धालुओं श्रीमदृभागवत के भक्तिसागर में जमकर स्नान किया। इस अवसर पर कथा व्यास ने स्थानीय पत्रकारों को पटका पहनाकर व एक तस्वीर प्रदान करके सम्मानित भी किया।

यहां श्री ठाकुरद्वारा में 18 मई से आयोजित श्रीमद्भागवत कथा अन्तिम दिन कथाव्यास नमन कृष्ण जी महाराज ने सभी से अपनी कमाई का दशान्श दान करने की अपील करते हुए बताया कि इससे समाज में समरसता आती है और अनेक समाजसेवी गतिविधियों का संचालन सम्भव हो पाता है। उन्होंने द्वारिकाधीश बनने के बाद हुई मुलाकात के दौरान राधा-कृष्ण के बीच हुए सजीव मार्मिक वार्तालाप से श्रद्धालुओं की आंखों को नम कर दिया। इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने फूलों की होली का भी जमकर आनन्द लिया।

कथाव्यास ने डाॅ. दिनेश शर्मा की ओर से पत्रकार सचिन गुप्ता, शाहनवाज सिद्दीकी, जुगनू शर्मा, राजीव शर्मा, फरीद अहमद, डाॅ.अंकुर गुप्ता मानव, रिंकू गुप्ता व हवलेश कुमार पटेल आदि को पटका पहनाकर सम्मानित किया।

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