कुलदीप त्यागी, मुजफ्फरनगर। लगभग एक माह पहले 6 अप्रैल 2026 की रात्रि करीब 10 बजे भोपा रोड स्थित एसडी पब्लिक स्कूल में खेल रहे युवक पर हुए जानलेवा हमले के मामले में अदालत ने सख्ती दिखायी और जिला एवं सत्र न्यायाधीश बीरेंद्र कुमार ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद करण जोशी की जमानत अर्जी को निरस्त कर दिया।
बता दें कि गौतम पालीवाल पुत्र घनश्याम पालीवाल अपने साथी देवांश उर्फ वंश के साथ स्कूल परिसर में खेल रहे थे। इसी दौरान अर्पित शर्मा, सचिन राणा, अमरदीप वाल्मीकि, शगुन सैनी और करण जोशी वहां पहुंचे और सभी ने मिलकर गौतम पालीवाल को घेर लिया। आरोप है कि हमलावरों के हाथों में लाठी-डंडे और लोहे की चेन थी, जिनसे उन्होंने जान से मारने की नीयत से हमला कर दिया। हमले में गौतम पालीवाल को सिर और शरीर पर गंभीर चोटें आईं, वहीं, बचाव करने आए देवांश के साथ भी मारपीट की गई, जिससे उसे भी गंभीर चोटें लगीं। घायल गौतम को तत्काल भोपा रोड स्थित आनंद हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहां उसका उपचार जारी है।
इस संबंध में घनश्याम पालीवाल की तहरीर पर थाना नई मंडी में मुकदमा 7 अप्रैल को दर्ज किया गया। मामले की विवेचना सब-इंस्पेक्टर आयुष त्यागी द्वारा की जा रही है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 8 अप्रैल को सभी पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया तथा उनकी निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त दो डंडे और एक लोहे की चेन भी बरामद की। इसी क्रम में आरोपी करण जोशी ने जिला एवं सत्र न्यायालय में जमानत प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया। सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता राजीव शर्मा ने पैरवी की, जबकि वादी पक्ष की ओर से अधिवक्ता संदीप कुमार त्यागी व चंद्रवीर सिंह ने प्रभावी ढंग से पक्ष रखा। वादी घनश्याम पालीवाल ने अदालत के फैसले को न्याय की जीत बताते हुए अपने अधिवक्ता संदीप कुमार त्यागी व चंद्रवीर सिंह एडवोकेट का आभार व्यक्त किया।
