गौरव सिंघल, अम्बेहटा शेखां (सहारनपुर)। विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर आज शिवांगुरी पब्लिक स्कूल अम्बेहटा शेखां में स्वस्थ आदतें- स्वस्थ जीवन विषय पर एक गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों को दैनिक जीवन की छोटी-छोटी आदतों के प्रति जागरूक करना था, जिससे बीमारियों के फैलाव को रोका जा सकता है। गोष्ठी में स्कूल के शिक्षकों व स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बच्चों को बताया कि नियमित हाथ धोना, खांसते-छींकते समय मुंह ढकना, साफ पानी पीना, जंक फूड से परहेज, कूड़ा कूड़ेदान में डालना और खुले में शौच न करना जैसी साधारण बातें कई संक्रामक बीमारियों से बचा सकती हैं।
प्रधानाचार्य स्तुति शर्मा ने कहा कि स्वास्थ्य केवल डॉक्टर के पास जाने का नाम नहीं है। अगर बच्चें सुबह उठकर हाथ धोने, नाखून काटने और साफ-सफाई को आदत बना लें तो 80% बीमारियां खुद-ब-खुद दूर रहेंगी। आज की गोष्ठी इसी सोच की शुरुआत है। इस अवसर पर आमंत्रित फिजियोथेरेपिस्ट अमन कुमार ने कहा कि बच्चें सबसे अच्छे संदेशवाहक होते हैं। जो बातें आज उन्होंने सीखी हैं जैसे खाना खाने से पहले साबुन से हाथ धोना और पीने का पानी ढककर रखना वो घर जाकर अपने परिवार को भी सिखाएंगे। यही स्वास्थ्य की असली चेन है। व्यवस्थापक डॉ. लोकेश वत्स ने कहा कि विश्व स्वास्थ्य दिवस हर साल 7 अप्रैल को इसलिए मनाया जाता है ताकि लोगों को स्वास्थ्य के महत्व के प्रति जागरूक किया जा सके। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की स्थापना भी इसी दिन 1948 में हुई थी। हमें याद रखना है कि खांसते समय कोहनी से मुंह ढकना चाहिए, हाथ से नहीं। रुमाल सदैव अपने साथ रखना चाहिए। ये बातें हमें अपने छोटे भाई-बहनों को भी बतानी चाहिए। कुमारी अल्पा, अभिभावक प्रतिनिधि ने कहा, कि स्कूल का यह प्रयास सराहनीय है। बच्चों को इतनी कम उम्र में स्वच्छता और स्वास्थ्य की समझ देना उनके पूरे जीवन को बेहतर बनाएगा। कार्यक्रम में बच्चों ने स्वच्छता शपथ ली और विद्यालय परिसर में स्वच्छता अभियान भी चलाया। इस अवसर पर एस सी शर्मा, संजना वत्सल, कौशिकी भार्गव, अनुराधा प्रथु आदि मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
