पाण्डुलिपि सर्वेक्षण अभियान के क्रियान्वयन को जिला स्तरीय बैठक आयोजित

शि.वा.ब्यूरो, मुजफ्फरनगर। पाण्डुलिपि सर्वेक्षण अभियान के क्रियान्वयन को आयोजित जिला स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्य विकास अधिकारी ने बताया कि ज्ञान मास्तम् मिशन" भारत की समृद्ध ज्ञान परम्परा और बौद्धिक विरासत को पुनर्जीवित करने की भारत सरकार की एक महत्वाकांक्षी राष्ट्रीय पहल है। उन्होंने बताया कि इस मिशन के अन्तर्गत देश भर में उपलब्ध भारतीय ज्ञान परम्परा से जुडी पाण्डुलिपियों एवं दुर्लभ ग्रन्थों आदि का वैज्ञानिक संरक्षण, डिजिटलीकरण और अभिलेखीकरण किया जा रहा है, ताकि यह धरोहर शोधार्थियों, विद्यार्थियों और आम नागरिकों के लिए सुलभ हो सके। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश जो प्राचीन ज्ञान दर्शन, साहित्य और संस्कृति की भूमि रहा है, इस अभियान में अग्रणी भूमिका का निर्वहन करने के लिए प्रतिबद्ध है।

बैठक का संचालन करते हुए डा० रणवीर सिंह ने कहा कि ज्ञान भारतम् मिशन के अन्तर्गत प्रदेश के विभिन्न सरकारी एवं गैर सरकारी संस्थानों, मठों, मन्दिरों, शैक्षणिक संस्थानों, निजी एवं सार्वजनिक पुस्तकालयों व व्यक्तियों आदि के पास उपलब्ध पाण्डुलिपियो, हस्तलिखित ग्रन्थों, ताडपत्रों, भोजपत्रों एवं अन्य दस्तावेजों की पहचान, सर्वेक्षण, कैटालॉगिंग, संरक्षण एवं डिजिटलीकरण का कार्य किया जाना है. जिससे डिजिटाइज्ड पाण्डुलिपियों को ज्ञान मास्तम् पोर्टल के माध्यम से आम जन को उपलका कराया जा सके। जिला विद्यालय निरीक्षक राजेश कुमार श्रीवास ने बताया कि प्राचीन पाण्डुलिपियां, ताइपत्र एवं दुर्लम अभिलेख हमारी समृद्ध ज्ञान परम्परा, सांस्कृतिक विरासत और बौद्धिक चेतना के अमूल्य त्ताक्ष्य है। इन पाण्डुलिपियों एवं ग्रन्थों आदि का संरक्षण एवं भावी पीढ़ियों तक हस्तान्तरण हमारा सामूहिक दायित्व है।

बैठक में जिला स्तरीय समिति के सदस्य एवं योजना के क्रियान्वयन में सहयोग हेतु नामित सदस्य उपस्थित रहे। मुख्य रूप से उद्य रणवीर सिंह, पुस्तकालयाध्यक्ष, राजकीय जिला पुस्तकालय, मुजफ्फरनगर, आशीष द्विवेदी, संग्रहालय प्रभारी श्रीमती ममता रानी, डा० राजीव कुमार, श्री प्रवेन्द्र दहिया, डा० कीर्ति वर्धन अग्रवाल, डा० मनुराधा, श्री संजीव अग्रवाल, प्रोफेसर सचिन कुमार, स्वामी ओमानन्द जी महाराज के प्रतिनिधि के रूप में श्री ओमदत्त जी द्वारा प्रतिभाग किया गया और सभी सदस्यों ने उक्का अभियान के सफल क्रियान्वयन हेतु अपने-अपने विचार प्रस्तुत किये।

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