शिविर में डॉ० सत्येन्द्र कुमार चौधरी ने दोषसिद्ध बंदियों को संवैधानिक व विधिक अधिकारों की जानकारी दी। उन्होंने कैदियों से उनकी समस्याए सुनी तथा बताया कि दोषसिद्ध बंदियों को उच्च न्यायालय में अपील दाखिल करने में कोई भी कानूनी समस्या होने पर अधीक्षक जिला कारागार के माध्यम से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को अवगत कराया जा सकता है। उन्होंने कारागार अधीक्षक को निर्देशित किया गया कि जिन अन्दियों के मामले ई-जेल लोक अदालत या जेल लोक अदालत के माध्यम से निस्तारित हो सकते है, उनकी सूची जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को प्रेषित करें जिससे उनके मामलों का शीघ्र निस्तारण हो सकें।
विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव ने बताया कि आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन 09 मई को किया जायेगा। जिसमें आपराधिक, 138 एनआई एक्ट, बैंक रिकवरी, मोटर दुर्घटना प्रतिकर याचिका, टेलीफोन, बिजली एवम् पानी के बिल, वैवाहिक वाद, भूमि अधिग्रहण, राजस्व वाद, तथा सिविल वादों का निस्तारण किया जायेगा।
