पीएम मोदी ने किया जेवर हवाई अड्डे का लोकार्पण, कहा- देश में बनेंगे और 100 नए हवाई अड्डे व 200 हेलीपेड

सुरेंद्र सिंघल, नई दिल्ली।  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को नोएडा के जेवर में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का लोकार्पण किया और साथ ही रखरखाव. मरम्मत. ओवरहॉलिंग सुविधा केंद्र का शिलान्यास किया। देश की जनता ने उन्हें इस हवाई अड्डे के शिलान्यास का अवसर दिया था। 25 नवंबर 2021 में उन्होंने इस हवाई अड्डे का शिलान्यास किया था और आज जनता ने उन्हें इसके लोकार्पण करने का भी अवसर प्रदान किया। 
उन्होंने कहा कि वर्ष 2003 में तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने जेवर में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा बनाने की मंजूरी दी थी। 2004 से 2014 तक प्रधानमंत्री सरदार मनमोहन सिंह की कांग्रेस सरकार के दौरान यह परियोजना फाइलों में ही दबी रही और 2014 में जब वह प्रधानमंत्री बने तो उत्तर प्रदेश में तब मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की सपा सरकार थी, जिससे कोई सहयोग नहीं मिला। प्रदेश में भाजपा की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार बनने के बाद इस हवाई अड्डे का काम शुरू हुआ। इससे साफ होता है कि कांग्रेस और सपा जैसी सरकारों के लिए विकास दूर की कौड़ी है और केंद्र और राज्यों में क्यों डबल इंजन की सरकार होना आवश्यक है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि वह उत्तर प्रदेश के सांसद हैं और उनका देश के सबसे बड़े राज्य को विकास के नक्शे पर सबसे आगे खड़ा करने का दायित्व भी बनता है। उन्होंने कहा कि अभी हाल के कुछ दिनों के भीतर उन्होंने पश्चिमी उत्तर प्रदेश में चार बड़ी परियोजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास किए हैं, जिनसे युवाओं, किसानों एवं हर वर्ग के हित जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि पहले की सरकारें मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्रियों को नोएडा में आने को लेकर अपशकुन की बातें करती थी। लेकिन ना तो योगी आदित्यनाथ और ना ही वह अनिष्ठ होने की आशंकाओं से भयभीत हुए। उसी का परिणाम है कि नोएडा उत्तर प्रदेश और देश के विकास को नई ऊंचाइयां प्रदान करने का केंद्र बन गया है।
उन्होंने मेरठ में मेट्रो और नमो भारत ट्रेनों का उद्घाटन किया और नोएडा में सेमी कंडक्टर जैसी महत्वकांक्षी परियोजनाओं का शिलान्यास किया और आज नोएडा में उत्तर प्रदेश के पहले अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पहले चरण का शिलान्यास किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भाषण यूं तो विकास परियोजनाओं पर फोकस था लेकिन उनका निशाना उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों पर भी था।
उन्होंने किसानों और युवाओं पर अपने भाषण में बार-बार फोकस किया। उन्होंने कहा कि वह जो भी परियोजनाएं शुरू कर रहे हैं उनसे युवाओं के हित और भविष्य सीधा जुड़ा हुआ है। आज के भव्य लोकार्पण समारोह की खास बात वहां की गरिमापूर्ण, सहज और सुंदर व्यवस्थाएं थीं। समारोह स्थल पर 60 से 70 हजार की अनुशासित भीड़ थी। वीवीआईपी, वीआईपी, चाहे मीडियाकर्मी हों किसी को भी कार्यक्रम में पहुंचने के लिए दुष्वारियों का सामना नहीं करना पड़ा। इस आयोजन की तैयारियों के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नोएडा की जिलाधिकारी मेधा रूपम समेत अन्य आला अफसरों को यह स्पष्ट निर्देश दिए थे कि यह प्रधानमंत्री का कार्यक्रम है। किसी को भी असुविधा नहीं होनी चाहिए। मुख्यमंत्री की मंशा के मुताबिक आज का आयोजन बहुत सुंदर और सफल रहा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी बहुत प्रसन्न और आनंदित दिखे। उन्होंने अपने 35 मिनट के संक्षिप्त भाषण में बहुत ही महत्वपूर्ण बातें कहीं। उन्होंने पश्चिमी उत्तर प्रदेश के गन्ना उत्पादक किसानों की ओर संकेत करते हुए कहा कि पहले की सरकारों में किसानों को गन्ना मूल्य भुगतान के लिए परेशान और आंदोलित रहना पड़ता था। अब यहां के गन्ना किसानों के सहयोग से गन्ने के रस से बड़े स्तर पर एथोनोल बन रहा है। इस कारण 700 करोड़ लीटर पेट्रोलियम पदार्थों की पूर्ति हुई और डेढ़ लाख करोड़ की विदेशी मुद्रा बची।
उन्होंने कहा कि यह भारत के नए मिजाज का प्रतीक है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम एशिया के संघर्ष से उत्पन्न हालात पर कहा कि इसका भारत पर भी बहुत बुरा असर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि हालात कमोबेश कोरोना काल जैसे दिखते हैं। उन्होंने इस बात पर गहरा अफसोस जताया कि विपक्षी दल संकट की इस स्थिति में राजनीतिक हितों से ऊपर उठकर सरकार को सहयोग करने के बजाए निहित सियासी उद्देश्यों की पूर्ति में लगे हैं। उन्हें बहस और चर्चाओं में जरूर सफलता हासिल हो सकती है लेकिन देशहित में उनके इस असहयोग रवैए से जरूर नुकसान पहुंचेगा। 
इससे पूर्व उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री के पेट्रोलियम पदार्थों पर 10 फीसद एक्साइज ड्यूटी कम करने की सराहना की और कहा कि मोदी दुनिया के इस चिंतित हालात में भारत का शानदार नेतृत्व कर रहे हैं। उन्होंने उत्तर प्रदेश की 25 करोड़ की जनता की ओर से नरेंद्र मोदी का भारत को विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जाने पर आभार जताया। योगी ने कहा कि मोदी बड़ा सोचते हैं और बड़ा करते हैं। योगी ने इस हवाई अड्डे के लिए 13 हजार एकड़ भूमि देने के लिए उनका भी आभार जताया। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू ने कहा कि जेवर हवाई अड्डे की यात्री संचालन क्षमता 12 मीलियन यात्री प्रतिवर्ष है। जो हवाई अड्डे के पूरी तरह से विकसित होने तक 70 एमपीसीए तक हो जाएगी। इसमें 3900 मीटर लंबा रनवे है जो बड़े आकार के विमानों के संचालन में सक्षम है। यहां इंस्टूमेंट लैंडिंग सिस्टम (आईएलएफ) और उन्नत एयरफील्ड लाइटिंग सहित आधुनिक नेबीगेशन सिस्टम  है जो हर मौसम में संचालन के लिए कुशल है। नायडू ने कहा कि नोएडा हवाई अड्डे को दिल्ली (एनसीआर) क्षेत्र के लिए दूसरे अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के लिए विकसित किया गया है। यह इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का पूरक है। ये दोनों हवाई अड्डे मिलकर एक एकीकृत विमानन प्रणाली के रूप में काम करेंगे। इससे भीड़ कम होगी। इस हवाई अड्डे को सड़क, रेल, मेट्रो और क्षेत्रीय परिवहन प्रणालियों के साथ जोड़ा गया है ताकि इसे बहुमाडल परिवहन केंद्र के रूप में विकसित किया जा सके। पहले चरण के हवाई अड्डे के निर्माण पर करीब 11200 करोड़ रूपए की लागत आई है।
मंच पर उत्तर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष एवं केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी, उत्तर प्रदेश के दोनों उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और बृजेश पाठक, नोएडा के सांसद डा. महेश शर्मा, विधायक जेवर धीरेंद्र सिंह, विधायक पंकज सिंह, विधायक तेजवीर नागर, सांसद सुरेंद्र नागर, पश्चिमी उत्तर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सत्येंद्र सिसौदिया, जिलाधिकारी नोएडा मेधा रूपम, नोएडा की पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह, यमुना प्राधिकरण के सीईओ राकेश कुमार सिंह, पूर्व सीईओ डा. अरूण वीरसिंह, प्रदेश के पूर्व मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह, वरिष्ठ पत्रकार सुरेंद्रसिंघल, यमुना प्राधिकरण के ओएसडी शैलेंद्र सिंह, नोएडा अथारिटी के सीईओ करूणेश एवं ग्रेटर नोएडा के सीईओ रवि कुमार एनजी, नोएडा के जिला पंचायत अध्यक्ष अमित चौधरी आदि की उपस्थित उल्लेखनीय थी।
इस आयोजन की सफलता में संबंधित विभागों के बीच समन्वय और जरूरी सहयोग भी साफ दिखाई दिया। पूरा कार्यक्रम दो घंटे में संपन्न हो गया। मंच से भाजपा के नए प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी का सभा को संबोधित ना करना सभी को बहुत अखरा। इसी तरह दोनों उप मुख्यमंत्रियों को संबोधन का मौका नहीं मिला।

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