शि.वा.ब्यूरो, मुजफ्फरनगर। आज एसडी कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज़ में आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ के अंतर्गत इन्फोटेनमेंट क्लब द्वारा एक ज्ञानवर्धक एवं समसामयिक गतिविधि का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का विषय इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन रहा, जो वर्तमान में भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण और रणनीतिक पहल है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकी विकास, डिजिटल अर्थव्यवस्था तथा भारत के आत्मनिर्भर बनने की दिशा में सेमीकंडक्टर उद्योग की भूमिका से अवगत कराना था। कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. संदीप मित्तल द्वारा किया गया। अपने उद्घाटन संबोधन में डॉ. मित्तल ने कहा कि आज का युग तकनीक आधारित है और सेमीकंडक्टर जैसे विषय न केवल विज्ञान एवं तकनीक के छात्रों के लिए, बल्कि प्रबंधन के विद्यार्थियों के लिए भी अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 भारत को वैश्विक तकनीकी मानचित्र पर सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है और ऐसे विषयों पर विद्यार्थियों को जानकारी देना समय की आवश्यकता है।
इस अवसर पर बीबीए विभागाध्यक्ष राजीव पाल सिंह की विशेष भूमिका रही। कार्यक्रम का समन्वयक भी राजीव पाल सिंह ही रहे। उन्होंने पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन के विभिन्न पहलुओं को सरल और रोचक ढंग से समझाया। राजीव पाल सिंह ने बताया कि सेमीकंडक्टर आज के समय में मोबाइल फोन, कंप्यूटर, ऑटोमोबाइल, चिकित्सा उपकरण, रक्षा प्रणाली और डिजिटल उपकरणों की रीढ़ हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत अब तक सेमीकंडक्टर के लिए अन्य देशों पर अत्यधिक निर्भर रहा है, जिससे आपूर्ति श्रृंखला में बाधा आने पर देश की अर्थव्यवस्था और उद्योग प्रभावित होते रहे हैं। उन्होंने कहा कि सेमीकंडक्टर उद्योग भविष्य का उद्योग है और आने वाले समय में इसमें प्रबंधन, तकनीक, वित्त, विपणन और आपूर्ति श्रृंखला जैसे क्षेत्रों में युवाओं के लिए करियर की अपार संभावनाएँ मौजूद हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को इस क्षेत्र में कौशल विकास, नवाचार और उद्यमिता के लिए स्वयं को तैयार करने का आह्वान किया।
इस अवसर पर बीबीए विभाग के सभी शिक्षकगण उपस्थित रहे, जिनमें डॉ. संगीता गुप्ता, मोहम्मद अंज़र, संजय शर्मा, दीपक गर्ग, सोनिका, पूरवी, प्राची, रोहन त्यागी, प्रशांत गुप्ता, विनीता चौधरी, सतीश, अमित, पवन बलियान एवं लवी वर्मा प्रमुख रूप से शामिल रहे। सभी शिक्षकों ने इस प्रकार की शैक्षणिक एवं इन्फोटेनमेंट गतिविधियों की सराहना की और विद्यार्थियों को ऐसे कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया।
