जनपद के मेडिकल स्टोर पर बिना पर्ची धड़ल्ले से बिक रहीं एंटीबायोटिक्स दवाएं, सीएमओ ने दिखायी सख्ती, धरपकड़ को टीम गठित

शि.वा.ब्यूरो, मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश में एंटीबायोटिक्स दवाओं का हर माह  करोड़ो रुपये से अधिक का कारोबार होता है। इतना ही नहीं प्रतिबंध के बावजूद तमाम दवा विक्रेता एंटीबायोटिक दवाओं की ऑन द काउंटर (ओटीसी) बिक्री भी कर रहे हैं। एंटीबायोटिक्स का बेवजह इस्तेमाल से जहां लोगों का स्वास्थ बिगड़ रहा है वहीं उनकी जेब पर भी असर पहुंच रहा है। मरीज एक बार डाक्टर से दवा लेने के बाद स्वयं अपने आप दुबारा डाक्टर को दिखाये दवा लेता रहता है जो हानिकारक सिध्द होता है।

बता दें कि मुजफ्फरनगर केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष सुभाष चैहान उक्त मुद्दे को जोर-शोर से उठाया था। उक्त पर संज्ञान लेते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ. सुनील तेवतिया ने जनपद में संचालित हाॅस्पिटल, नर्सिंग होम, अस्पताल व क्लीनिक आदि के परिसर में संचालित अपंजीकृत मेडिकल स्टोर सहित अपंजीकृत हाॅस्पिटल, नर्सिंग होम, अस्पताल व क्लीनिक के खिलाफ अभियान चलाने व उक्त के खिलाफ कार्यवाही करने के लिए कमेटी का गठन किया है, जिसके अध्यक्ष एसीएमओ डाॅ. अशोक व औषधी निरीक्षक सदस्य होंगे। 

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ. सुनील तेवतिया ने यह भी निर्देश दिये हैं कि जनपद के सभी सरकारी व गैर सरकारी चिकित्सक ओपीडी में आने मरीजों के पर्चे पर दवाईयों के नाम कैपिटल लेटर या कम्प्यूटर के आधार पर लिखेंगे, जिससे मरीजों को किसी भी प्रकार की दिक्कत न हो।

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