शि.वा.ब्यूरो, मुजफ्फरनगर। श्री राम कॉलेज के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग द्वारा समकालीन मीडिया एवं संचार के मुद्दे विषय पर आयोजित प्रथम राष्ट्रीय मीडिया फेस्टिवल 2026 के प्रथम दिवस पर राष्ट्रीय संगोष्ठी का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न विश्वविद्यालयों के शिक्षाविदों, शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों ने सक्रिय सहभागिता की। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि डॉ0 एससी कुलश्रेष्ठ, मुख्य वक्ता प्रोफ़ेसर शाम राज नेसमोनी, एसजीटी यूनिवर्सिटी गुरुग्राम, डॉ0 अशोक कुमार निदेशक श्री राम कॉलेज, डॉ0 विनीत शर्मा डीन आईक्यूएसी श्री राम कॉलेज, डॉ0 ओमप्रकाश कुशवाहा विभागाध्यक्ष पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग श्री राम कॉलेज द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि डॉ. एससी कुलश्रेष्ठ ने कहा कि मीडिया केवल समाचार पहुँचाने का माध्यम नहीं है, बल्कि लोकतंत्र का एक प्रमुख रक्षक भी है। उन्होंने बताया कि निष्पक्ष और स्वतंत्र पत्रकारिता भ्रष्टाचार व अनुचित सत्ता-केंद्रित प्रवृतियों को उजागर कर नागरिकों को सूचित रखकर जनतंत्र को सशक्त बनाती है। उन्होंने मीडिया के सामाजिक उत्तरदायित्व कमजोर वर्गों की आवाज उठाना, तथ्यपरक रिपोर्टिंग और संवेदनशील सूचनाओं की जिम्मेदारी से प्रस्तुतिकृपर जोर दिया। उन्होंने कहा कि वे नैतिकता, सत्यापन के तरीकों और समुदाय-केंद्रित रिपोर्टिंग का प्रशिक्षण लें ताकि वे भविष्य में जिम्मेदार और उत्तरदायी मीडिया पेशेवर बन सकें।डॉ0 अशोक कुमार ने कहा कि सभी का राष्ट्रीय मीडिया फेस्टिवल 2026 के प्रथम दिवस की संगोष्ठी में हार्दिक स्वागत करता हूँ। यह फेस्ट समकालीन मीडिया एवं संचार के मुद्दों पर सार्थक विमर्श और अकादमिक संवाद का एक महत्वपूर्ण मंच है, जो विद्यार्थियों और शोधार्थियों को नई दृष्टि प्रदान करेगा। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता प्रोफ़ेसर शाम राज नेसमोनी ने मीडिया साक्षरता, डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के बढ़ते प्रभाव तथा समकालीन संचार चुनौतियों पर उन्होंने कहा कि आज के डिजिटल युग में सूचना का प्रवाह अत्यंत तीव्र हो गया है, जिससे सही और गलत खबरों के बीच अंतर करना एक बड़ी चुनौती बन गया है। उन्होंने बताया कि मीडिया साक्षरता नागरिकों को न केवल समाचारों की सत्यता परखने की क्षमता देती है, बल्कि उन्हें जिम्मेदार और जागरूक मीडिया उपभोक्ता भी बनाती है। उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स ने संचार के स्वरूप को पूरी तरह बदल दिया है, जहाँ प्रत्येक व्यक्ति सूचना का निर्माता और प्रसारक बन गया है।उन्होंने बताया कि इसके साथ ही फेक न्यूज, ट्रोलिंग, एल्गोरिद्मिक बायस, डेटा गोपनीयता और नैतिक पत्रकारिता जैसी चुनौतियाँ भी तेजी से उभर रही हैं। उन्होंने बताया कि इन चुनौतियों का समाधान केवल तकनीकी दक्षता से नहीं, बल्कि समालोचनात्मक सोच, नैतिक मूल्यों और जिम्मेदार मीडिया व्यवहार से ही संभव है।
प्रथम दिवस के तकनीकी सत्रों में देशभर के विद्वानों द्वारा शोध पत्र प्रस्तुत किए गए। सत्रों में इंस्टाग्राम एल्गोरिद्म की समझ, दृश्य कला एवं मीडिया परिप्रेक्ष्य, अधिकार और प्रतिनिधित्व, सांस्कृतिक कला रूपों, डिजिटल स्टोरीटेलिंग, पर्यावरण समाचारों तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता और पत्रकारिता के भविष्य जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गंभीर चर्चा हुई। इन प्रस्तुतियों ने मीडिया अध्ययन के बदलते आयामों और नई संभावनाओं को रेखांकित किया।
संगोष्ठी के विभिन्न सत्रों की अध्यक्षता वरिष्ठ शिक्षाविदों द्वारा की गई तथा प्रत्येक सत्र के अंत में चेयर की टिप्पणियां एवं रैपोर्टियर रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। प्रथम तकनीकी सत्र के चेयर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉक्टर श्याम राज नेसमोनी एसजीटी यूनिवर्सिटी गुरुग्राम रहे। द्वितीय सत्र के चेयर डॉक्टर संतोष डिपार्टमेंट ऑफ़ एग्रीकल्चर चिल्ड्रन कॉलेज रहे। तृतीय तकनीकी सत्र की चेयर प्रोफेसर सुनीता शर्मा डिपार्टमेंट ऑफ़ एजूकेशन डी ए वी कॉलेज मुजफ्फरनगर रहीं। वहीं अंतिम सत्र की चेयर डॉ0 आभा सैनी प्रोफेसर एंड हेड जैन कन्या पीजी कॉलेज मुजफ्फरनगर रहीं।
संगोष्ठी के विभिन्न सत्रों की अध्यक्षता वरिष्ठ शिक्षाविदों द्वारा की गई तथा प्रत्येक सत्र के अंत में चेयर की टिप्पणियां एवं रैपोर्टियर रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। प्रथम तकनीकी सत्र के चेयर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉक्टर श्याम राज नेसमोनी एसजीटी यूनिवर्सिटी गुरुग्राम रहे। द्वितीय सत्र के चेयर डॉक्टर संतोष डिपार्टमेंट ऑफ़ एग्रीकल्चर चिल्ड्रन कॉलेज रहे। तृतीय तकनीकी सत्र की चेयर प्रोफेसर सुनीता शर्मा डिपार्टमेंट ऑफ़ एजूकेशन डी ए वी कॉलेज मुजफ्फरनगर रहीं। वहीं अंतिम सत्र की चेयर डॉ0 आभा सैनी प्रोफेसर एंड हेड जैन कन्या पीजी कॉलेज मुजफ्फरनगर रहीं।
इस अवसर कर मुख्य वक्ता एवं सभी सत्राध्यक्षों को पट्टिका एवं प्रतीक चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया, तथा सभी प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन प्राची त्यागी एवं सृष्टि खुराना ने किया। डॉ0 ओमप्रकाश कुशवाहा ने धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम में कहकशा मिर्ज़ा, शिवानी बर्मन, मयंक वर्मा प्रवक्तागण पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग का महत्वपूर्ण योगदान रहा। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शिक्षक, शोधार्थी एवं विद्यार्थी मुख्य रूप से मौजूद रहे।




