शि.वा.ब्यूरो, अहमदाबाद। डाक विभाग ने पत्र एवं पार्सल सेवाओं के साथ-साथ जीवन बीमा के क्षेत्र में भी एक सशक्त, विश्वसनीय एवं जनकल्याणकारी संस्था के रूप में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित की है। पारंपरिक सेवाओं से आगे बढ़ते हुए डाक विभाग ने दशकों से जीवन बीमा के क्षेत्र में निरंतर सेवा प्रदान कर नागरिकों के जीवन में आर्थिक स्थिरता, सामाजिक सुरक्षा और वित्तीय संरक्षा का सुदृढ़ आधार निर्मित किया है। उक्त उद्गार पोस्टमास्टर जनरल (PMG) कृष्ण कुमार यादव ने डाक जीवन बीमा के गौरवशाली 142वें वर्ष में प्रवेश होने पर 2 फरवरी को क्षेत्रीय कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में व्यक्त किए। इस अवसर पर उन्होंने बीमाधारकों को डाक जीवन बीमा पॉलिसी बांड, परिपक्वता दावा, दावा भुगतान सौंपकर उनके सुखी भविष्य की भी कामना की।
पोस्टमास्टर जनरल ने कहा कि जीवन बीमा आधुनिक युग में आवश्यक होने के साथ-साथ वित्तीय सुरक्षा और निवेश का एक भरोसेमंद माध्यम भी है। उन्होंने बताया कि उत्तर गुजरात परिक्षेत्र में वर्तमान में डाक जीवन बीमा और ग्रामीण डाक जीवन बीमा की कुल 2.08 लाख से ज्यादा पॉलिसियाँ हैं। उन्होंने बताया कि एक अभिनव पहल के तहत उत्तर गुजरात परिक्षेत्र के 708 गाँवों में सभी योग्य लोगों का बीमा करते हुए इन्हें 'सम्पूर्ण बीमा ग्राम' बना दिया गया है। उन्होंने बताया कि डाकघरों में लोगों की आयु और आवश्यकता के हिसाब से जीवन बीमा की तमाम योजनायें हैं, जिनमें सुरक्षा (आजीवन बीमा), संतोष (स्थायी निधि जमा), सुविधा, सुमंगल, युगल सुरक्षा और चिल्ड्रेन पालिसी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि कम प्रीमियम और उच्च बोनस इन पॉलिसियों की अनूठी विशेषता है, जो इसे भारत में अन्य जीवन बीमाकर्ताओं से अलग करती है। उन्होंने कहा कि बचत लाभ और जीवन बीमा कवर प्रदान करने के अलावा ये पॉलिसी ग्राहकों को ऋण सुविधा भी प्रदान करती हैं।
पोस्टमास्टर जनरल ने कहा कि डाक जीवन बीमा सेवा को नवीन टेक्नोलॉजी अपनाते हुए ऑनलाइन बनाया गया है। पॉलिसीधारकों के लिए ई-पीएलआई बॉण्ड की सुविधा भी है, जो डिजिलॉकर पर उपलब्ध है। अब डाक विभाग द्वारा पॉलिसी बांड जारी करने के तुरंत बाद पॉलिसी बॉण्ड को डाउनलोड किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि नवाचार करते हुए जहाँ अब प्रीमियम के ऑनलाइन जमा की सुविधा है, वहीं अब प्रीमियम को आई.पी.पी.बी. मोबाइल ऐप से भी जमा किया जा सकता है। PMG ने बताया कि डाक जीवन बीमा को डाक विभाग के कर्मचारियों के लिए 1884 में एक कल्याणकारी उपाय के रूप में शुरू किया गया था। उन्होंने बताया कि इसे 1888 में टेलीग्राफ विभाग के कर्मचारियों के लिए विस्तारित किया गया। उन्होंने बताया कि वर्ष 1894 में डाक जीवन बीमा ने पी एंड टी विभाग की महिला कर्मचारियों को ऐसे समय में बीमा कवर दिया, जब कोई अन्य बीमा कंपनी महिलाओं को जीवन बीमा प्रदान नहीं करती थी। उन्होंने बताया कि डाक जीवन बीमा के लाभ सरकारी कर्मचारियों जैसे केंद्र और राज्य सरकारों के कर्मचारियों, सार्वजनिक उपक्रमों, सरकारी सहायता प्राप्त शिक्षण संस्थानों, राष्ट्रीयकृत बैंकों, रक्षा सेवाओं तथा अर्ध-सैन्य बलों के लिए उपलब्ध कराये गए थे। उन्होंने बताया कि सितंबर 2017 में डाक जीवन बीमा का लाभ बढ़ाकर पेशेवरों (जैसे इंजीनियर, डॉक्टर, बैंकर, वकील, आर्किटेक्ट, पत्रकार आदि) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) तथा बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) में सूचीबद्ध कंपनियों के कर्मचारियों को भी दिया गया। उन्होंने कहा कि 1 दिसंबर 2022 से केंद्र सरकार व राज्य सरकारों से मान्यता प्राप्त किसी भी विश्वविद्यालय, संस्था के सभी स्नातक, डिप्लोमा धारक भी डाक जीवन बीमा का लाभ उठा सकते हैं।
प्रवर अधीक्षक चिराग मेहता ने कहा कि निवेश की सुरक्षा पर सरकार की गांरटी, धारा 80 के तहत आयकर में छूट, देश के किसी भी डाकघर में प्रीमियम जमा करने की सुविधा और अग्रिम प्रीमियम पर छूट दी जाती है। उन्होंने कहा कि पॉलिसी पर बोनस की दर रुपये 48 प्रति हजार से लेकर रुपए 76 प्रति हजार के मध्य है। उन्होंने कहा कि डाक जीवन बीमा के तहत 20 हजार से 50 लाख रुपए तक का बीमा करवाने की सुविधा देश भर के डाकघरों में उपलब्ध है। सहायक निदेशक वीएम वहोरा ने बताया कि भारतीय डाक विभाग ने लैप्स्ड पॉलिसियों के लिए एक विशेष ड्राइव की शुरुआत की है। उन्होंने कहा कि यह ड्राइव 14 जनवरी से 14 अप्रैल तक चलेगी। उन्होंने कहा कि इस दौरान, जिन बीमाधारकों की पॉलिसियाँ लैप्स्ड हैं, उन्हें पॉलिसी रिवाइव कराने पर डिफ़ॉल्ट शुल्क में विशेष छूट दी जाएगी। उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य नागरिकों को अपने जीवन बीमा पॉलिसियों का लाभ जारी रखने का अवसर देना और उनकी वित्तीय सुरक्षा को सुदृढ़ करना है।
इस अवसर पर डिप्टी अधीक्षक एसके वर्मा, अल्पेश शाह, रितुल गाँधी, सीनियर पोस्टमास्टर पीजे सोलंकी, सहायक लेखाधिकारी चेतन सैन, रामस्वरूप मँगावा, सहायक डाक अधीक्षक जीनेश पटेल, आरटी पटेल, रोनक शाह, भाविन प्रजापति, निरीक्षक पायल पटेल, योगेंद्र राठोड, भावेश रावल, दर्शन श्रीमाली, दीपक परमार, चिरायु व्यास सहित तमाम अधिकारी-कर्मचारी और बीमाधारक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन अभिषेक पीठडीया ने किया।



