श्रीराम कॉलेज के छात्रावास में स्थापना हुई मॉ. सरस्वती की मूर्ति

शि.वा.ब्यूरो, मुजफ्फरनगर। बसंत पंचमी के अवसर पर आज श्रीराम कॉलेज के छात्रावास में तीन दिवसीय मॉं सरस्वती की पूजा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभराम्भ मुख्य अतिथि श्रीराम ग्रुप ऑफ कॉलिजेज के चेयरमेन डॉ0 एस0सी0 कुलश्रेष्ठ, तथा विशिष्ट अतिथियों में श्रीराम कॉलेज की प्राचार्या डॉ0 प्रेरणा मित्तल, डीन एकेडमिक्स डा0 विनीत कुमार शर्मा बाहय प्रवेश समन्वयक कपिल धीमान, वार्डन बॉयज हॉस्टल राजीव रावल, वार्डन गर्ल्स हॉस्टल शालिनी मिश्रा आदि ने मॉ सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्जवलीत करके की। इसी के साथ वही श्रीराम कॉलेज तथा श्रीराम पॉलिटैक्निक मे  में नेताजी सुभाष चन्द्र बोस की 129वी जयंती भी बनाई गई। श्री राम पॉलिटेक्निक रोड स्थित केंपस में बसंत पंचमी के पावन अवसर पर ज्ञान की देवी माता सरस्वती एवं भगवान गणेश जी की विधिवत आरती एवं पुष्प अर्पण का आयोजन श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ किया गया।

इस अवसर पर बाहय प्रवेश समन्वयक कपिल धीमान ने बताया कि तीन दिवसीय कार्यक्रम के अर्न्तगत आज पूर्ण विधि विधान से मॉ सरस्वती की मूर्ति की स्थापना की गयी। इन तीन दिवसों में भजन, कीर्तन, सरस्वती मॉ की आरती की जायेगी तथा तीसरे दिन मॉ सरस्वती की मूर्ति को गंगा नदी में विसर्जित किया जायेगा। श्रीराम ग्रुप ऑफ कॉलिजेज के चेयरमेन डॉ0 एससी कुलश्रेष्ठ ने समस्त अध्यापक अध्यापिकों व विद्यार्थियों को बसंत पंचमी के पर्व की शुभकामनायें दी। वहीं इन्होंने इसकी महत्वता पर प्रकाश डाला। उन्होंने शिक्षकों को शुद्ध एवं वैधानिक विचारों का प्रयोग करने की सलाह दी जिससे उनके व्यक्तित्व में निखार आ सकें। श्रीराम कॉलेज की प्राचार्य डॉ0 प्रेरणा मित्तल ने कहा कि बसंत ऋतु प्रत्येक कार्य के लिए अनुकूल होती है विद्यार्थियों के लिए भी यह समय अत्यन्त महत्वपूर्ण होता है। इस समय विद्यार्थियों की परीक्षायंे शुरू हो जाती है और मौसम सुहावना होने के कारण पढाई करने में मन भी लगता है।
प्रेरणा मित्तल ने कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती, जिसे आधिकारिक तौर पर पराक्रम दिवस या पराक्रम दिवस के रूप में जाना जाता है। शौर्य दिवस  भारत में मनाया जाने वाला एक राष्ट्रीय आयोजन है, जो प्रमुख भारतीय स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस के जन्मदिन को चिह्नित करता है। बाहय प्रवेश समन्वयक कपिल धीमान ने कहा कि बसंत पंचमी का त्यौहार भारतीय समाज में विद्या की देवी मॉ सरस्वती की जयन्ती के रूप में बडी धूम-धाम से मनाया जाता है। यह त्यौहार शरद ऋतु के जाने की और ग्रीष्म ऋतु के आने का प्रतीक है। बसंत ऋतु के मौसम में खेत खलिहानों में सरसों के पीले फूलों को लहराते हुये देखा जाता है जो हमारी समृद्धि और खुशहाली का प्रतीक है । 
श्रीराम कॉलेज के डीन एकेडमिक्स डॉ0 विनीत कुमार शर्मा ने कहा कि बसन्त के आते ही वातावरण में ताजगी का एहसास होने लगता है। बसंत ऋतु का मौसम बडा ही सुहावना व सभी मौसमों में श्रेष्ठ होता है। इस अवसर पर श्रीराम कॉलेज के सभी शिक्षक एवं शिक्षिकायें तथा शिक्षणेत्तकर कर्मचारी आदि उपस्थित रहें।  

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