शि.वा.ब्यूरो, अहमदाबाद। डाक विभाग देश के सामाजिक-आर्थिक विकास में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका को सुदृढ़ करते हुए निरंतर आधुनिक तकनीकों, डिजिटल समाधानों एवं नवाचारों के माध्यम से अपनी सेवाओं का विस्तार कर रहा है। डाक सेवा, जन सेवा विजन के साथ विभाग ने पारंपरिक डाक प्रणाली से आगे बढ़कर आज वित्तीय समावेशन, लॉजिस्टिक्स, ई-कॉमर्स सहयोग तथा डिजिटल सेवाओं के क्षेत्र में एक भरोसेमंद संस्थान के रूप में अपनी पहचान स्थापित की है। उक्त उद्गार सूरत मंडल के दौरे पर पहुंचे पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने व्यक्त किये। इस अवसर पर उन्होंने वित्तीय वर्ष के शेष दिनों में व्यापक अभियान चलाकर विभिन्न सेवाओं में आवंटित लक्ष्यों की प्राप्ति पर जोर दिया। साथ विभिन्न सेवाओं से आम जन को जोड़ने, जन परिवाद के त्वरित निस्तारण और ग्राहकों के प्रति संवेदनशीलता पर जोर दिया। सूरत प्रधान डाकघर का विजिट कर वहाँ स्वच्छ, कस्टमर फ्रेंडली, एवं सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिये। ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत पर्यावरण संरक्षण का संदेश फैलाने के लिए नानपुरा प्रधान डाकघर में वृक्षारोपण भी किया। प्रवर डाकघर अधीक्षक यश जैन ने पोस्टमास्टर जनरल का स्वागत करते हुए सूरत में डाक सेवाओं की प्रगति, उपलब्धियों और विकास कार्यों की विस्तृत जानकारी दी।
पोस्टमास्टर जनरल ने कहा कि डाक विभाग नवीनतम तकनीकों को अपनाकर डिजिटल पहलों एवं आधुनिक सेवाओं के माध्यम से नागरिकों के अनुभव को निरंतर बेहतर बना रहा है। गौरतलब है कि भारतीय डाक सेवा अधिकारी रूप में कृष्ण कुमार यादव ने अपने करियर की शुरुआत 22 जुलाई, 2003 को सूरत मंडल के प्रवर अधीक्षक डाकघर के रूप में की। 21 साल के लंबे अंतराल के पश्चात पुनः सूरत आगमन पर उन्होंने गहरा आत्मीय भाव व्यक्त करते हुए कहा कि सूरत उनके लिए केवल एक कार्यस्थल नहीं, बल्कि स्मृतियों और अनुभवों से जुड़ी एक महत्वपूर्ण कर्मभूमि है। उन्होंने यह भी व्यक्त किया कि सूरत में आकर अपनी पहली पोस्टिंग के अनुभवों से पुनः जुड़ना उनके लिए अत्यंत सुखद और प्रेरणादायक रहा। अपने एक वर्ष दो माह के कार्यकाल में उन्होंने प्रवर डाक अधीक्षक एवं नानपुरा प्रधान डाकघर की नए विभागीय भवन में शिफ्टिंग सूरत में बिजनेस डेवलेपमेंट हेतु अलग से कार्यालय, 24 वर्षों बाद डाक टिकट प्रदर्शनी जैसे तमाम अहम् कार्य किये। इस अवसर पर उन्होंने विभाग के तमाम रिटायर्ड कर्मियों से भी संवाद कर उनका कुशल क्षेम जाना, जिन्होंने उनके साथ कार्य किया था। स्टाफ के लोग भी उनसे मिलकर काफी अभिभूत हुए।


