शि.वा.ब्यूरो, मुजफ्फरनगर। श्री राम कॉलेज के ललित कला संकाय द्वारा एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों को भारतीय कला परंपरा में सृजनात्मकता एवं आध्यात्मिक चेतना के महत्व से अवगत कराना रहा। कार्यशाला के माध्यम से छात्रों को कला के ऐतिहासिक, दार्शनिक एवं सौंदर्यात्मक पक्षों की गहन जानकारी प्रदान की गई, जिससे उनकी रचनात्मक सोच को नया आयाम मिला।
इस अवसर पर जे. वी. जैन कॉलेज, सहारनपुर के ललित कला संकाय की डायरेक्टर फैकल्टी डॉ. नीलम गौर ने विद्यार्थियों को प्राचीन भारतीय कला में सृजनात्मकता एवं आध्यात्मिकता के गूढ़ पक्षों से परिचित कराया। उनके विद्वतापूर्ण एवं गहन व्याख्यान ने छात्रों की शैक्षणिक समझ को समृद्ध किया तथा भारत की गौरवशाली कलात्मक विरासत के प्रति गहरी सराहना विकसित की।विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह के साथ कार्यशाला में सहभागिता की तथा विषय से संबंधित प्रश्नों के माध्यम से संवाद को और अधिक सार्थक बनाया।कार्यक्रम के अंत में डॉ. मनोज धीमान ने डॉ. नीलम गौर के बहुमूल्य समय, गहन ज्ञान एवं छात्रों के साथ प्रेरणादायक संवाद के लिए ललित कला संकाय एवं महाविद्यालय परिवार की ओर से हार्दिक आभार व्यक्त किया तथा भविष्य में भी उनके सहयोग की आशा व्यक्त की। इस आयोजन को सफल बनाने में ललित कला विभाग की विभागाध्यक्ष मीनाक्षी काकरान, फैकल्टी सदस्य बिनु पुंडीर, रीना त्यागी, रजनीकांत, मयंक सैनी एवं शहजादी सहित समस्त संकाय सदस्यों का सराहनीय योगदान रहा।


