गौरव सिंघल, देवबंद। सिविल बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष एवं नगर के वरिष्ठ व सम्मानित अधिवक्ता नरेश कुमार के निष्कासन एवं सदस्यता समाप्त किए जाने के मामले में बार काउंसिल आफ उत्तर प्रदेश प्रयागराज के सचिव आर के शुक्ला ने दोनों पक्षों को पत्र भेजकर सभी साक्ष्य के साथ 14 फरवरी को उनके समक्ष उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने के लिए निर्देशित किया है और तब तक के लिए अधिवक्ता नरेश कुमार का निष्कासन भी स्थगित कर दिया है। बार काउंसिल आफ उत्तर प्रदेश के सचिव आर के शुक्ला ने भेजे पत्र में बताया कि शिकायतकर्ता पूर्व अध्यक्ष नरेश कुमार ने स्वयं उनके समक्ष उपस्थित होकर बताया कि वर्तमान कार्यकारिणी के अध्यक्ष वीरेंद्र पाल सिंह ने 6 जनवरी को राजनैतिक द्वेष के कारण उनका निष्कासन कर सदस्यता समाप्त कर दी थी। तथ्यों का अध्ययन करने के बाद बार एसोसिएशन द्वारा पारित आदेश को अग्रिम आदेश तक स्थगित किया जाता है।
काउंसिल सचिव ने दोनों पक्षों को सभी साक्ष्यों के साथ 14 फरवरी को उनके समक्ष उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने के लिए निर्देशित किया है। ताकि प्रकरण का निस्तारण किया जा सके। गौरतलब है कि 6 जनवरी को सिविल बार एसोसिएशन कार्यकारिणी ने बार विरोधी गतिविधियों में संलिप्त रहने का आरोप लगाते हुए पूर्व बार अध्यक्ष नरेश कुमार का निष्कासन कर दिया था साथ ही उनकी सदस्यता समाप्त कर बार की ओर से मिलने वाली सुविधाओं से भी उन्हें वंचित कर दिया था। अधिवक्ता नरेश कुमार की शिकायत के बाद बार काउंसिल आफ उत्तर प्रदेश प्रयागराज के सचिव आर के शुक्ला ने दोनों पक्षों को पत्र भेजकर सभी साक्ष्यों के साथ 14 फरवरी को उनके समक्ष उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने के लिए निर्देशित किया और तब तक के लिए अधिवक्ता नरेश कुमार का निष्कासन भी स्थगित कर दिया है।
