आरटीई के तहत फीस प्रतिपूर्ति में सरकार की लापरवाही के खिलाफ निजी स्कूलों ने उठाई आवाज

शि.वा.ब्यूरो, लखनऊ। शिक्षा के अधिकार अधिनियम-2009 के अंतर्गत फीस प्रतिपूर्ति को लेकर प्रदेश के निजी स्कूलों का धैर्य अब जवाब देने लगा है। वर्षों से लंबित भुगतान और नियमों की अनदेखी के चलते एसोसिएशन ऑफ प्राइवेट स्कूल्स उत्तर प्रदेश ने प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से सरकार का ध्यान इस गंभीर मुद्दे की ओर आकर्षित किया।

एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. अतुल श्रीवास्तव और उपाध्यक्ष डॉ मन्सूर हसन ने कहा कि वर्तमान में निजी असहायतित स्कूलों को 20 जून 2013 के शासनादेश के आधार पर मात्र 450 रूपये प्रति छात्र की दर से प्रतिपूर्ति दी जा रही है। यह दर पिछले 12 वर्षों से यथावत है, जबकि इस दौरान सरकारी स्कूलों में प्रति छात्र व्यय में लगातार वृद्धि हुई है, लेकिन उसके अनुरूप प्रतिपूर्ति राशि तय नहीं की गई। एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार शीघ्र निर्णय नहीं लेती, तो यह मुद्दा प्रदेश के शिक्षा जगत में एक बड़े जनआंदोलन का रूप ले सकता है।

उन्होंने बताया कि शिक्षा विभाग पर निजी स्कूलों का करोड़ों रुपये का बकाया लंबित है। आर्थिक दबाव के कारण प्रदेश के अनेक निजी स्कूल या तो बंद हो चुके हैं अथवा बंद होने की कगार पर हैं। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते प्रतिपूर्ति का भुगतान नहीं किया गया, तो यह स्थिति प्रदेश के बच्चों की शिक्षा व्यवस्था के लिए एक नई चुनौती बन सकती है। एसोसिएशन ने मांग की कि शिक्षा के अधिकार अधिनियम की धारा 12 (2) के अनुसार सरकार वर्ष 2013-2014 से 2025-2026 तक सरकारी स्कूलों में हुए वास्तविक प्रति छात्र खर्च का विवरण सरकारी गजट में प्रकाशित करे और उसी आधार पर बकाया फीस का भुगतान सुनिश्चित करे।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह भी सामने आया कि पिछले कई वर्षों से फर्जी आय प्रमाण पत्रों के आधार पर अपात्र छात्रों का प्रवेश निजी स्कूलों में कराया जा रहा है, जिससे पात्र बच्चों का हक मारा जा रहा है। एसोसिएशन ने स्पष्ट किया कि नियम 8 (6) के अनुसार अपात्र छात्रों के प्रवेश पर स्कूलों की मान्यता समाप्त, दुगुनी धनराशि की वसूली तथा भारतीय दंड संहिता के तहत कानूनी कार्यवाही का प्रावधान है, इसलिए सभी बेसिक शिक्षा अधिकारियों से यह मांग की गई कि केवल पात्र छात्रों को ही निजी स्कूलों में भेजा जाए।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में उपाध्यक्ष डॉ. मंसूर हसन खान, सचिव बृजेश शर्मा, संयुक्त सचिव पूनम बरनवाल व शशि भूषण, कोषाध्यक्ष राम विलास एवं सदस्य विनोद सहित कई अन्य पदाधिकारी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

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