शि.वा.ब्यूरो, बालाघाट (मध्यप्रदेश)। दिन-प्रतिदिन संस्कार में हो रहे व्यावसायिकता एवं विकृत स्वरूप को परिष्कृत करने तथा अपने लोगों को रूढ़िवादी परंपरा से बाहर निकालने के उद्देश्य से एवं विशेष अवसर पर संस्कार कार्य हेतु लोगों की कमी को देखते हुए कूर्मि समाज द्वारा कूर्मि पुरोहित तैयार किया जा रहा है।
पुरोहित का यह बेसिक प्रशिक्षण शिविर 5 दिवसीय आवासीय मोड में प्रस्तावित है। कूर्मि स्वजातीय लोग इस पुरोहित प्रशिक्षण में भाग लेकर प्रशिक्षित हो सकेंगे और समाज में संस्कार तथा पूजा व कर्मकाण्ड कराने हेतु तैयार हो सकेंगे। तैयार किए गए इन पुरोहितों के माध्यम से परिष्कृत संस्कारों के द्वारा समाज को एक नई स्वस्थ व वैज्ञानिक दिशा दे सकें। गलत परम्पराओं, कुरीतियों का उन्मूलन व स्वस्थ वैज्ञानिक क्रिया- कलापों को समाज में स्थापित करना, इस प्रशिक्षण का मूल उद्देश्य है।
बता दें कि वर्तमान समय में समस्त पूजा-पाठ, हवन संस्कार, मंदिर के पुजारी हेतु पूरोहितों की आवश्यकता होती है। स्वजातियों को ही पुरोहित कर्म में प्रशिक्षित करने का अभियान से समाज के ही लोग अपने बीच समाज में जाकर सभी प्रकार के पूजा पाठ, हवन, संस्कार, पर्व पूजन, गृह प्रवेश, शादी-विवाह, दाह संस्कार, दशगात्र, कथा वाचन इत्यादि संस्कार कार्य सम्पन्न करा कर प्राप्त धनराशि का समाज हित में ही उपयोग कर समाज को आगे बढ़ाने में भी अपनी भूमिका निभा सकेंगे।
पुरोहित प्रशिक्षण शिविर में सीधे भाग लेने एवं अन्य संबंधित जानकारियों के लिए व्हाट्सएप ग्रुप में जुड़ने हेतु लिंक ीजजचेरूध्ध्बींज.ूींजेंचच.बवउध्ब्ेनÛस्उभ्स्प्6स।क्व64ल्पर1ेन?उवकम=ूूज
पर क्लिक किया जा सकता है। पंजीयन लिंक भरने के पूर्व अपना अद्यतन पासपोर्ट फोटो एवं पंजीयन शुल्क राशि रू. 500 की प्रिंट स्की्रन या पावती होना आवश्यक है। पुरोहित प्रशिक्षण हेतु न्यूनतम 12 उत्तीर्ण के साथ संस्कृत का प्राथमिक ज्ञान आवश्यक है। सेवा निवृत्त, सेवाभावी, उच्च शिक्षित, गुणी व बेरोजगार युवा व्यक्ति को प्राथमिकता दी जायेगी। प्रशिक्षण कार्यक्रम सरदार पटेल विश्वविद्यालय, बालाघाट (मध्यप्रदेश) पर सम्पादित किया जायेगा।
पुरोहित बनने के लिए प्रशिक्षण में भारत वर्ष के कोई भी प्रदेश में निवासरत कूर्मि समाज के चयनित महिला व पुरुष शामिल हो सकते हैं। पुरोहित प्रशिक्षार्थी को मधुर भाषी, वाणी में संयम रखना आवश्यक है। पुरोहित प्रशिक्षार्थी को स्वस्छव शालीनता का पालन करना आवश्यक है। पुरोहित प्रशिक्षार्थी को प्रशिक्षण के दौरान भारतीय वेशभूषा (पुरूष धोती-कुर्ता एवं महिलाएँ साड़ी) धारण करना आवश्यक होगा। पोषाक का रंग पीला रंग हो तो उत्तम है। पुरोहित प्रशिक्षण कार्यावधि में किसी भी प्रकार का नशे का सेवन करना वर्जित होगा। पुरोहित प्रशिक्षार्थी को पुरोहिताई के दौरान किसी प्रकार से निश्चित राशि की याचना करना वर्जित होगा। यजमान द्वारा श्रद्धापूर्वक दिए राशि ही स्वीकार करना आवश्यक होगा। पुरोहित को समयबद्धता व यजमान को दिए गए तिथि में उपस्थित होकर कार्य संपादन किया जाना अपेक्षित होगा तथा विशेष परिस्थितियों में कार्य संपादन हेतु उपास्थित नहीं हो पाने की स्थित में यजमान को सूचित करते हुए उनकी सहमति से अन्य सामाजिक प्रशिक्षित पुरोहित की व्यवस्था करना आवश्यक होगा। पुरोहित प्रशिक्षण कार्य पूर्णतः सामाजिक विचार क्रांति व सामाजिक सेवाभाव पर आधारित है। अतः पुरोहित को समाज उत्थान हेतु लगातार सामाजिक प्रेरणादायक कार्य में संलग्न रहना आवश्यक होगा।
पुरोहित बनने के इच्छुक व्यक्ति को ऑनलाईन पंजीयन कराना होगा। पंजीयन के दौरान प्रतिभागियों को प्रशिक्षण सहयोग हेतु राशि 500 डॉ. जीतेन्द्र सिंगरौल के मोबाईल नं. 9425522629 में गूगल पे, पेटीएम व फोन पे के माध्यम से ऑनलाईन भुगतान कर सकते है। प्रशिक्षण के पूर्व पंजीकृत प्रतिभागियों का आनलाईन काऊंसलिंग किया जायेगा। काऊंसलिंग में सफल प्रतिभागियों को निर्धारित स्थल में स्वंय के व्यय पर उपस्थित होना होगा। प्रतिभागियों को प्रशिक्षण के दौरान निःशुल्क आवासीय एवं भोजन व्यवस्था स्थानीय आयोजकों द्वारा व्यवस्था किया जायेगा।
उक्त के सम्बन्ध में मध्यप्रदेश कूर्मि क्षत्रिय समाज के प्रदेश अध्यक्ष कूर्मि राम खेलावन पटेल के मोबाईल नं. 9755657999, प्रशिक्षण शिविर प्रभारी कूर्मि बी. आर. कौशिक के मोबाईल नं. 9424153582, अखिल भारतीय कूर्मि महासभा के राष्ट्रीय संयोजक पुरोहित प्रशिक्षण विकास प्रकोष्ठ कूर्मि डॉ. हेमन्त कौशिक के मोबाईल नं. 9827157927 पर सम्पर्क किया जा सकता है।