डीएवी कॉलेज मैदान में ब्लैक आउट माॅक ड्रिल 23 जनवरी को

शि.वा.ब्यूरो, मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश दिवस पर 23 जनवरी को आयोजित होने वाली ब्लैक आउट माॅकड्रिल की तैयारी हेतु विकास भवन सभागार में बैठक का आयोजन किया गया। यह माॅकड्रिल नेता जी सुभाष चन्द्र बोस के जन्मदिवस पर पूरे प्रदेश में एकसाथ आयोजित होगी। बैठक में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व गजेन्द्र कुमार ने कहा कि इस माॅकड्रिल के माध्यम से आकस्मिक परिस्थितियों से निपटने का विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया जायेगा। 

एडीएम गजेन्द्र कुमार ने बताया कि 23 जनवरी को शाम 6 बजे डीएवी इंटर काॅलेज के मैदान में यह माॅकड्रिल होगी, जिसमें नगर पालिका, विद्युत, अग्निशमन, परिवहन, पुलिस, लोक निर्माण, स्वास्थ्य सहित अन्य विभागों की जिम्मेदारी तय की गयी। बैठक में मुख्य अग्निशमन अधिकारी अनुराग कुमार, एआरटीओ प्रशासन सुशील कुमार मिश्रा, ईओ नगर पालिका प्रज्ञा सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संदीप कुमार, जिला विकास अधिकारी दिग्विजय नाथ तिवारी, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डाॅ0 जितेन्द्र गुप्ता, नायब तहसीलदार हरेन्द्र कुमार, गाइड कैप्टन डाॅ0 राजेश कुमारी, विवेक गोयल व नागरिक सुरक्षा एवं आपदा सहायक नासिर हुसैन उपस्थित रहे। कलेक्ट्रेट स्थित इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर पर आपदा मित्रों और सिविल डिफेन्स के स्वयंसेवकों का विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) गजेंद्र कुमार और नागरिक सुरक्षा उपनियंत्रक कश्मीर सिंह ने स्वयंसेवकों को आपदा से निपटने के व्यावहारिक तरीके बताए और जरूरी दिशा-निर्देश दिए।

अपर जिलाधिकारी गजेंद्र कुमार ने बताया कि आपात स्थिति, विशेषकर हवाई हमले, भूकंप, आग, बाढ़ या किसी बड़े हादसे के दौरान आम जनता की जान बचाना सबसे बड़ी प्राथमिकता होती है। ऐसे में सिविल डिफेन्स और आपदा मित्रों की भूमिका बेहद अहम होती है। उन्होंने कहा कि संकट के समय घबराने के बजाय संयम, सतर्कता और टीमवर्क के साथ काम करना चाहिए। उन्होंने स्वयंसेवकों को यह भी समझाया कि हवाई हमले जैसी स्थिति में खुले स्थानों से तुरंत सुरक्षित जगह पर जाएं। उन्होंने कहा कि इस दौरान खिड़कियों और कांच से दूरी बनाए रखें, अफवाहों से बचें और केवल प्रशासन की सूचना पर ही भरोसा करें और घायलों को प्राथमिक उपचार देकर सुरक्षित स्थान तक पहुंचाएं।

नागरिक सुरक्षा उपनियंत्रक कश्मीर सिंह ने कहा कि मॉक ड्रिल का मकसद सिर्फ अभ्यास नहीं, बल्कि यह देखना है कि वास्तविक आपदा के समय कौन-सी टीम किस तरह से काम करेगी। उन्होंने स्वयंसेवकों को रेस्क्यू, प्राथमिक चिकित्सा, भीड़ नियंत्रण और संचार व्यवस्था से जुड़े जरूरी टिप्स दिए। प्रशिक्षण के दौरान स्वयंसेवकों को डेमो के जरिए आपात हालात में रेस्क्यू ऑपरेशन, स्ट्रेचर का उपयोग, घायल को सुरक्षित निकालने और प्राथमिक उपचार की भी जानकारी दी गई। इस अवसर पर आपदा सहायक नासिर हुसैन, गुलफाम अहमद, प्रवेश कुमार, प्रिन्सी चंदेल,  मौ. इमरान खान के साथ आपदा मित्र जिया उलहक, विशाल कुमार, प्रिया, अनुज कुमार, शिवम्, दीपा, कपिल, अभिषेक, प्रियंका, रश्मि शर्मा आदि मौजूद रहे।

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