शि.वा.ब्यूरो, मुजफ्फरनगर। अपराध की दुनिया में लंबे समय से खौफ का नाम बन चुका सजायाफ्ता कुख्यात गौकश व गैंगस्टर अपराधी जाहिद अब पुलिस के शिकंजे में पूरी तरह कसता नजर आ रहा है। थाना रतनपुरी पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट के तहत ऐसी तगड़ी कार्रवाई की है, जिससे अपराधियों में खौफ़ है । पुलिस ने गैंग लीडर जाहिद और उसके पुत्रों के नाम पर अपराध से जुटाए गए अवैध धन से खरीदी गई करीब 15 करोड़ 50 लाख रुपये की संपत्तियों को गैंगस्टर एक्ट में कुर्क कर लिया है। पुलिस का साफ संदेश है कि अब सिर्फ गिरफ्तारी नहीं, बल्कि अपराध की कमाई पर सीधा वार होगा।
यह बड़ी कार्रवाई शनिवार को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय वर्मा के निर्देशन में की गई। पूरे ऑपरेशन की निगरानी पुलिस अधीक्षक ग्रामीण आदित्य बंसल के स्तर से की गई, जबकि मौके पर क्षेत्राधिकारी बुढाना और थाना रतनपुरी और थाना बुढ़ाना प्रभारी निरीक्षक के नेतृत्व में पुलिस टीम ने कार्रवाई को अंजाम दिया। कार्रवाई जैसे ही शुरू हुई, क्षेत्र में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया और लोग पुलिस की इस कड़ी कार्रवाई को “अपराधियों की कमर तोड़ने वाला कदम” बता रहे हैं।
पुलिस के अनुसार जाहिद पुत्र मुनफैत निवासी ग्राम हुसैनाबाद भनवाड़ा थाना रतनपुरी लंबे समय से संगठित गैंग के जरिए गंभीर अपराधों में लिप्त रहा है। जाहिद गैंग का लीडर है और उसके पुत्र खालिद व आमिर गैंग के सक्रिय सदस्य बताए गए हैं। आरोप है कि गैंग द्वारा हत्या, गौकशी और हत्या के प्रयास जैसी संगीन वारदातों को अंजाम दिया गया। पुलिस जांच में सामने आया कि जाहिद ने अपराध से जुटाई गई कमाई से जमीनें और वाहन खरीदे और चालाकी से इन संपत्तियों को खुद के साथ-साथ पत्नी और पुत्रों के नाम करा दिया, ताकि कार्रवाई से बचा जा सके। लेकिन इस बार पुलिस ने पूरी जांच के बाद अवैध संपत्तियों को चिन्हित कर धारा 14(1) में कुर्क कर दिया। पुलिस के मुताबिक कुर्क की गई संपत्तियों की वर्तमान अनुमानित कीमत करीब 15 करोड़ 50 लाख रुपये है।
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक जाहिद के खिलाफ गौवध अधिनियम, हत्या, हत्या का प्रयास और गैंगस्टर एक्ट सहित कई गंभीर मुकदमे दर्ज हैं। वहीं उसके पुत्र खालिद और आमिर पर भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई केवल शुरुआत है,जनपद में अपराधियों द्वारा अवैध तरीके से जुटाई गई संपत्तियों पर इसी तरह लगातार कार्रवाई की जाएगी। पुलिस प्रशासन का स्पष्ट संकेत है कि अब अपराधियों को सिर्फ जेल नहीं भेजा जाएगा, बल्कि उनके द्वारा बनाई गई अवैध संपत्ति की इमारत भी ढहाई जाएगी।
