शि.वा.ब्यूरो, अहमदाबाद। भारतीय डाक विभाग डाक सेवा–जन सेवा’ के मूल मंत्र के अनुरूप कार्य करते हुए देश के ग्रामीण एवं सुदूरवर्ती क्षेत्रों तक विश्वसनीय सेवाएँ पहुँचाने में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। नवीनतम तकनीकों और अभिनव पहलों के माध्यम से डाक विभाग समाज के सभी वर्गों तक अपनी व्यापक पहुँच सुनिश्चित कर रहा है। सुरक्षित निवेश विकल्पों और आकर्षक ब्याज दरों के कारण डाकघर की बचत योजनाएँ आज भी आमजन के बीच अत्यंत लोकप्रिय बनी हुई हैं। उक्त उद्गार पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने मेघदूतम्’ सभाकक्ष में मण्डलाध्यक्षों, के वित्तीय वर्ष 2025-26 के अब तक के कार्यों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए व्यक्त किये। इस दौरान उत्तर गुजरात के विभिन्न मंडलों और डाकघरों में डाक व्यवसाय की श्रेणीवार समीक्षा की गई। इनमें मेल ऑपरेशंस, पार्सल, इंटरनेशनल मेल, बचत बैंक, डाक जीवन बीमा व ग्रामीण डाक जीवन बीमा, फिलेटली, नागरिक केन्द्रित सेवाएँ-आधार, पासपोर्ट इत्यादि शामिल रहीं। समीक्षा के दौरान पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने इस वित्तीय वर्ष में निर्धारित लक्ष्यों की समयबद्ध प्राप्ति तथा व्यवसायिक वृद्धि सुनिश्चित करने हेतु निष्ठा, प्रेरणा और समर्पण के साथ कार्य करने हेतु प्रेरित किया।
समीक्षा बैठक के दौरान विभिन्न मंडलों के अधिकारियों द्वारा अपने-अपने क्षेत्रों में किए जा रहे कार्यों की प्रस्तुति पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव के समक्ष की गई, जिन पर विस्तार से चर्चा एवं विश्लेषण किया गया। उत्तर गुजरात परिक्षेत्र के डाकघरों में वित्तीय समावेशन के तहत इस वित्तीय वर्ष में अब तक लगभग 5.83 लाख नए बचत खाते, 18,600 सुकन्या समृद्धि खाते और 75,000 इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक खाते खोले गए हैं। डाक जीवन बीमा में 160 करोड़ रूपये व ग्रामीण डाक जीवन बीमा में 34 करोड़ रुपये की कुल प्रीमियम राशि जमा हुई। पोस्टल ऑपरेशंस के तहत 65 करोड़ रूपये से अधिक का राजस्व प्राप्त हुआ। 1.97 लाख लोगों ने डाकघरों के माध्यम से आधार सेवाओं और 42,500 लोगों ने पोस्ट ऑफिस पासपोर्ट सेवा केंद्र के माध्यम से पासपोर्ट बनवाये। घर बैठे 27,024 पेंशनर्स का डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट बनाया गया। उत्तर गुजरात में अभी तक 1002 गांवों को 'सम्पूर्ण सुकन्या समृद्धि ग्राम' और 691 गांवों को 'सम्पूर्ण बीमा ग्राम' व 227 गाँवों को ‘सम्पूर्ण बचत ग्राम' बनाया जा चुका है।
पोस्टमास्टर जनरल ने कहा कि डाक सेवाओं में निरंतर नवाचार हो रहा है। डाकघर आधुनिक सेवाओं तथा डिजिटल पहलों के माध्यम से नागरिकों को अधिक सुविधा लाभ प्रदान कर रहे हैं। केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया के दृष्टिकोण से निर्देशित गुजरात का पहला जेन-Z डाकघर आईआईटी गांधीनगर में शुरू किया गया, जिसे युवाओं ने काफी सराहा है। डाकघरों में एडवांस्ड पोस्टल टेक्नोलॉजी आरम्भ होने के बाद डिजिटल भुगतान में बढ़ोत्तरी हुई है, जो ‘डिजिटल इंडिया’ व ‘कैशलेस इकोनॉमी’ की सोच को आगे बढ़ाती है। इसके अलावा, इंडिया पोस्ट और ओएनडीसी (ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स) मायस्टोर ने पूरे भारत में पार्सल पैकेजिंग, बुकिंग और डिलीवरी सेवाओं में क्रांति लाने के लिए साझेदारी की है। इसके तहत अहमदाबाद जीपीओ में पायलट आधार पर छोटे निर्माताओं और सोशल सेलर्स के लिए निःशुल्क वेयरहाउसिंग की सुविधा दी जा रही है। डिजिटलीकरण के इस युग में स्पीड पोस्ट और पार्सल अब रीयल-टाइम ट्रैकिंग और ओटीपी आधारित डिलीवरी के साथ अधिक सुरक्षित, स्मार्ट व नागरिक-अनुकूल बन गया है। विद्यार्थियों की जरूरतों के मद्देनजर किताबें और अध्ययन सामग्री कम लागत में भेजने हेतु ‘ज्ञान पोस्ट सेवा’ आरंभ हुई, वहीं उन्हें स्पीड पोस्ट पर 10% विशेष छूट भी उपलब्ध है। डाकघरों में पिकअप एंड इंडक्शन, पार्सल पैकेजिंग सेवा, डिजिटल पेमेंट जैसी कस्टमर फ्रेंडली सेवाएँ भी उपलब्ध कराई जा रही हैं। पोस्टमास्टर जनरल ने डाक सेवाओं में नवाचार के साथ इसकी दक्षता व आउटरीच बढ़ाने, वित्तीय समावेशन, डिजिटलीकरण, पार्सल, स्पीड पोस्ट, अंतरराष्ट्रीय मेल, नागरिक केन्द्रित सेवाएँ को बढ़ावा, प्रौद्योगिकी को एकीकृत करने और मार्केटिंग की रणनीति को सशक्त करने पर उन्होंने जोर दिया।
बैठक में प्रवर डाक अधीक्षक चिराग मेहता, प्रवर अधीक्षक, रेल डाक सेवा पियूष रजक, प्रवर डाक अधीक्षक शिशिर कुमार, सीनियर पोस्टमास्टर अल्पेश आर. शाह, डाक अधीक्षक मंजुलाबेन पटेल, पाटन डाक अधीक्षक एचसी परमार, डाक अधीक्षक आरए गोस्वामी, सहायक निदेशक वारिस वहोरा, एमएम शेख, रितुल गाँधी, सहायक अधीक्षक रमेश पटेल, भाविन प्रजापति, डाक निरीक्षक पायल पटेल सहित तमाम अधिकारी उपस्थित रहे।

