गौरव सिंघल, सहारनपुर। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मण्डल के सदस्यों द्वारा व्यापार मण्डल के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व जिलाध्यक्ष शीतल टण्डन के नेतृत्व में एक बैठक का आयोजन रेलवे रोड स्थित व्यापार मण्डल के जिला मुख्यालय कार्यालय पर किया गया। इस अवसर पर शीतल टण्डन ने कहा कि भारतीय सेना ने 1971 के भारत-पाक युद्ध में जिस ढंग से कठिनतम परिस्थितियों मे शौर्य दिखाया और कम से कम समय में विजय प्राप्त कर सम्पूर्ण विश्व में अपनी कार्यकुशलता के दम पर देश के नागरिकों का दिल जीता ऐसा उदाहरण विश्व में दुलर्भ ही है। उन्होंने कहा कि आज का दिन मातृभूमि की रक्षा के लिए दुश्मन से लडने वाली सैनिकों की वीरता, देश प्रेम तथा त्याग और बलिदान और श्रद्धा प्रदर्शित करने का दिन है और यह हम सबका राष्ट्रीय कर्तव्य भी है। श्री टण्डन ने कहा कि 16 दिसम्बर 1971 को बांग्लादेश अस्तित्व में आया था और उसी दिन 93 हजार पाकिस्तान सैनिकों का नेतृत्व कर रहे आमिर अब्दुल्ला खान नियाजी ने ढाका में लेफ्टि.जनरल जगजीत सिंह अरोडा के नेतृत्व में भारतीय सेना के समक्ष आत्मसमर्पण किया था और पूर्वी पाकिस्तान को बांग्लादेश घोषित किया गया था। श्री टण्डन ने कहा कि उन्हें इस बात का गर्व है कि 1971 के भारत-पाक युद्ध में भारत सरकार द्वारा उनको श्रेष्ठ नागरिक सेवाएं देने के संदर्भ में संग्राम मेडल से अंलकृत किया गया था और व्यापार मण्डल के मुख्य संरक्षक मेजर एस.के.सूरी एक जांबाज अधिकारी के रूप में बांग्लादेश के युद्ध में शामिल रहे। जिलाध्यक्ष शीतल टण्डन ने जिला सैनिक एवं पुनर्वास कार्यालय पर पहुंचकर सभी की ओर से शहीद मीनार पर पुष्प अर्पित कर शहीदों को नमन किया। श्री टण्डन ने उन दिनों की स्मृति के बारे में कहा कि 1971 में मुंह की खाने के बाद 93000 पाकिस्तानी सैनिकों ने हमारी सेना के समक्ष आत्मसमर्पण किया था। पाकिस्तान आज तक भारतीय सेना के खिलाफ आंख उठाने की हिमाकत नहीं कर सकता और यदि कभी की भी है तो भारतीय सेना ने उसका मुंहतोड़ जवाब दिया है। 1971 के युद्ध में देश की तीनों सेनाओं ने अपनी पूरी क्षमता के साथ भाग लिया और इसका परिणाम विजय के रूप में सामने आया और 1971 के भारत-पाक युद्ध के दौरान देश की एकता और अखण्डता के लिए सभी राजनैतिक दलों और नागरिकों की उस समय की एकता भी अपने आप में एक मिसाल है। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष शीतल टण्डन, जिला महामंत्री रमेश अरोडा, जिला कोषाध्यक्ष कर्नल संजय मिड्ढा, मेजर एस.के.सूरी, पवन गोयल, हरीश खुंगर, मुरली खन्ना, अशोक मलिक, संजीव सचदेवा आदि शामिल रहे।
