शि.वा.ब्यूरो, आगरा। अप्सा के तत्वाधान में प्रिल्यूड पब्लिक स्कूल में अंग्रेजी शिक्षकों के लिए एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया। प्रतिभा की पहचान और उसका संवर्धनः विकसित होते भविष्य के लिए एक शिक्षक का दृष्टिकोण विषय पर केंद्रित इस कार्यशाला में अप्सा से संबद्ध 35 विद्यालयों के 123 शिक्षकों ने भाग लिया।
बतौर मुख्य वक्ता विक्रांत बहरी ने शिक्षकों को प्रभावी शिक्षण विधियों और छात्र-केंद्रित दृष्टिकोण के बारे में जानकारी दी। उन्होंने शिक्षकों को प्रतिभा को पहचानने और निखारने के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक छात्र में अद्वितीय प्रतिभा होती है, और शिक्षकों को उन्हें पहचानने और विकसित करने में मदद करनी चाहिए। विक्रांत बहरी ने शिक्षकों को छात्रों की व्यक्तिगत जरूरतों को समझने और अपने शिक्षण तरीकों को अनुकूल बनाने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने नवाचार और तकनीक का उपयोग करने के लिए भी कहा, ताकि छात्रों को बदलते भविष्य के लिए तैयार किया जा सके।
अप्साध्यक्ष व विद्यालय के निदेशक डॉ. सुशील गुप्ता ने कहा कि इस कार्यशाला का उद्देश्य शिक्षकों को नवीन शिक्षण तकनीकों से अवगत कराना और उन्हें छात्रों की प्रतिभा को पहचानने और निखारने के लिए प्रेरित करना है। उन्होंने आशा जताई कि यह कार्यशाला शिक्षकों को अपने शिक्षण तरीकों में सुधार करने और छात्रों के भविष्य को उज्ज्वल बनाने में मदद करेगी। कार्यशाला में संवादात्मक गतिविधियों और व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से शिक्षकों को प्रेरित किया गया। कार्यशाला का संचालन विद्यालय की शिक्षिका मोना काबरा ने किया।
बता दें कि एसोसिएशन ऑफ प्रोग्रेसिव स्कूल्स ऑफ आगर (अप्सा) शिक्षा की गुणवत्ता को सुदृढ़ करने तथा शिक्षकों की शैक्षणिक दक्षता में निरंतर अभिवृद्धि के लिए सतत् प्रयासरत रहती है। शिक्षकों के लिए समय-समय पर आयोजित प्रशिक्षण कार्यशालाएँ इस बात का स्पष्ट प्रमाण हैं।


