गौरव सिंघल, देवबंद। प्राचीन सिद्धपीठ श्री राधावल्लभ मन्दिर में खिचडी महोत्सव बडे हर्षोल्लास एवं भव्य झांकियों के साथ प्रातः भोर के समय धूमधाम के साथ प्रतिदिन मनाया जा रहा है। श्रीराधाबल्लभ मन्दिर में आज श्रीराधानवरंगी लाल जी को प्रात: किसमिस, दाल, चिरौंजी, पिस्ता, अदरक, रूचिकारी मीठी खिचरी का भोग लगाया गया।
गोस्वामी श्रीहित शिरोमणि लाल जी महाराज, गोस्वामी श्रीहित नितिन लाल जी महाराज ने बताया कि सुबह प्रातः से ही ठाकुर जी एवं शक्ति स्वरूपा श्रीजी प्रतिदिन नित्य नये वेश में प्रकट होती है। वह कभी मीरा वेष में, गंवालो के वेश में, शंकर जी के वेश में आते है। श्रद्धालु इनकी वेश भूषा देखकर खुशी से झूम उठते है। सुमंगल गान, संगीतमय रसिया समाज द्वारा प्रतिदिन चल रहा है। श्रद्धालु प्रतिदिन मंदिर जाकर दर्शन लाभ उठा रहे है। कंडाके की ठंड के बावजूद भी मन्दिर में प्रातः 5 बजे से श्रद्धालुओं की भीड लगी रहती है। श्रद्धालुओं को श्री जी के विलक्षण दर्शन से भटके मन को न केवल शान्ति मिलती है बल्कि भगवान भजन में मन भी लगता है।
मंदिर प्रांगण में प्रातः का विशेष आकर्षण होता है। सभी धर्म प्रेमी श्रद्धालु खिचडी का प्रसाद ग्रहण करते है। इस अवसर पर श्रीराधाबल्लभ मन्दिर सेवादार गोस्वामी श्रीहित आचार्य नवनीत लाल जी शशि, श्रीहित विनोद महाराज, श्रीहित मुदित महाराज, श्रीहित अंकित महाराज, श्रीहित वंश महाराज, श्रीहित दर्श महाराज, श्रीहित लाल जी महाराज, श्रीहित नितेश महाराज, श्रीहित प्रियांशु महाराज, श्री विवान महाराज, अरुण कुमार गोयल एडवोकेट, अमित कुमार गोयल एडवोकेट, श्रीमती अनु अरोडा, संजय अरोडा आदि उपस्थित रहे।

