मोक्षायतन अंतर्राष्ट्रीय योग संस्थान में पुण्यतिथि पर पीएम मोदी की मां हीराबेन को याद किया

गौरव सिंघल, सहारनपुर। इस देश में माता विद्यावती से भगत सिंह, जीजा बाई से छत्रपति शिवाजी और सुनीति सरीखी मां से ध्रुव जन्म लेते आए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वाभिमान लसित आत्मविश्वास, स्वधर्म निष्ठा, संकल्प की दृढ़ता, आत्म गौरव, निर्मोही लेकिन प्रीतिपूरित स्वभाव और सर्वकल्याण भाव,  श्रमशीलता, परदुख कातरता, मर्यादाओं का पालन सरीखे गुण जो उन्हें राजनीति में रहकर भी विशेष और भारत ही नहीं दुनियाभर के राष्ट्रनायकों के लिए प्रेरणास्रोत बनाते हैं उन्हें मां हीरा बेन से विरासत में मिले। 

मोदी की सौ साल तक सतत संघर्षशीलता सरलता और स्वधर्म निष्ठा से पुश्तैनी सादे से मकान में अपने बच्चों को संस्कारवान जीवन देने वाली माता हीराबेन की पुण्यतिथि पर मोक्षायतन अंतर्राष्ट्रीय योग संस्थान में  चले "जीवन संवाद" कार्यक्रम में बोलते हुए योगगुरु स्वामी भारत भूषण ने कहा कि ये उस महान मां के संस्कारों की शक्ति है कि आज दुनिया का सबसे शक्तिशाली राजनेता हो जाने के बावजूद नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री के रूप में देश के वैभव का प्रतिनिधित्व तो करते हैं लेकिन अपने अन्य भाइयों जैसा ही सादगी और राजा जनक की तरह अपरिग्रही जीवन जीते हैं। राष्ट्र का प्रथम सेवक बनकर सर्व कल्याण भाव से देशसेवा ही उनकी शक्ति है। योग गुरु ने याद किया कि एक बार मोदी जी ने पूछने पर उन्हें बताया कि मां एक बार मिलने आई थी, प्रधान मंत्री निवास पर लेकिन वह वहीं गुजरात ही रहती हैं, कभी-कभी मैं उनसे मिलने चला जाता हूं। 

गुरु ने बताया कि वैभवशाली राष्ट्रनायक मोदी की उस तपस्विनी मां के निधन पर किस सादगी से मोदी सिर्फ अपने परिवार के सदस्यों के साथ मां की अर्थी कंधे पर लेकर अंत्येष्टि करके आए थे और इसके तत्काल बाद पूर्वनिर्धारित राष्ट्रीय कार्यों में लग गए थे, ये सभी ने देखा था। योग गुरु ने कहा कि फल से पेड़ का निर्धारण नहीं पेड़ से फल की नस्ल विशेषता और स्वाद निर्धारित होता है। मां ही सही अर्थों में बच्चों की भाग्यविधाता होती है। ज्ञातव्य है कि संस्थान में लगी हीराबेन की फोटो का परिचय श्रद्धा से देते हुए योग गुरु अक्सर बताते हैं कि ये एक श्रमजीवी मां का फोटो है। जिसने दुनिया के सबसे कद्दावर महानायक को जन्म दिया। आज सभी उपस्थित साधकों ने गीता श्लोक पाठ और पुष्पांजलि से माता हीराबेन को श्रद्धासुमन अर्पित किए। जीवन संवाद कार्यक्रम को अधिष्ठाता नंदकिशोर शर्मा, योगाचार्या अनीता शर्मा, शिवम वर्मा, इंजी अमरनाथ, मुकेश शर्मा, ललित वर्मा, इंजी दीपक मौर्य, सीमा गुप्ता आदि ने भी संबोधित किया।

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