गौरव सिंघल, सहारनपुर। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल की जिला इकाई के प्रमुख पदाधिकारियों की स्थानीय रेलवे रोड पर वर्ष 2025 की वार्षिक समीक्षा बैठक को सम्बोधित करते हुए राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व जिलाध्यक्ष शीतल टण्डन व जिला महामंत्री रमेश अरोडा ने संयुक्त रूप से कहा कि जहां वर्ष 2020-21 कोरोना व आर्थिक मंदी की भेंट चढ़ गया था और वर्ष 2023-24 ने कारोबार में गति पकड़ी थी। उन्होंने कहा कि 2025 के पूरे वर्ष में कारोबार में तेजी का दौर का समय फिलहाल दिखायी नहीं दिया, इसका मुख्य कारण केन्द्र व राज्य सरकार की व्यापारिक समस्याओं के प्रति लगातार अनदेखी और व्यापारियों के प्रति नकारात्मक सोच के चलते पूरे वर्ष व्यापारी अनेक समस्याओं को लेकर आंदोलित रहा। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा पिछले व्यापारिक वर्षों को लेकर अनावश्यक नोटिस भेजे जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऑनलाईन कारोबार के कारण छोटे व्यापारियों का कारोबार घट रहा है और सरकार द्वारा ऑन लाईन कारोबार पर पाबंदी लगाने की मांग की अनदेखी की जा रही है।
शीतल टण्डन ने कहा कि आयकर की धारा-43बीएच के संशोधन को भी केन्द्र सरकार वापिस नहीं ले रही है। केन्द्र व राज्य सरकारों के मन में व्यापारियों के प्रति अविश्वास व नकारात्मकता की भावना बढ रही है, जबकि व्यापारी वर्ग कुल राजस्व का साठ प्रतिशत से भी अधिक विभिन्न करों के रूप में सरकार को एकत्र करके देता है। उन्होंने कहा कि जीएसटी व टैक्स की दरों को कम करने का व्यापारी व उपभोक्ताओं की मांग पर जीएसटी की दरों को कम किया गया। उन्होंने कहा कि यह वर्ष की विशेष उपलब्धि रही लेकिन जीएसटी के सरलीकरण का अभी भी इंतजार है। उन्होंने कहा कि अतिक्रमण व यातायात समस्याएं भी व्यापारियों व आम जनता के लिए समस्याओं का कारण बनी है। उन्होंने कहा कि सहारनपुर में एक विकसित बस अडडे का निर्माण अभी भी अधर में लटका है और स्मार्ट सिटी योजनाओं का कार्य बहुत धीमी गति से चल रहा है।
शीतल टण्डन ने कहा कि व्यापारी वर्ग हर परिस्थिति में पुलिस प्रशासन व सरकार को सहयोग करता है और सरकार के कुल राजस्व का साठ प्रतिशत धनराशि एकत्र करके देता है, फिर भी केन्द्र व राज्य सरकार द्वारा व्यापारिक समस्याओं की लगातार अनदेखी हो रही है। उन्होंने कहा कि सरकारें समाज के विभिन्न वर्गों को अनेक सुविधाएं दे रही हैं लेकिन व्यापारी वर्ग इन सुविधाओं से वंचित रहा है। उन्होने कहा कि केन्द्र में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लोकप्रिय राजनेताओं में हैं और चुनावों में अधिकांश व्यापारी इनका समर्थन भी करते रहे हैं, लेकिन खेद का विषय है कि व्यापारियो को जो सुविधाएं मिलनी चाहिए, वह आज भी उनसे वंचित हैं। उन्होंने कहा कि केन्द्र व राज्य अपने वोट बैंक की खातिर समाज के सभी वर्गों को किसी न किसी रूप में सुविधा एवं अनुदान दे रही है, लेकिन व्यापारी वर्ग किसी भी प्रकार की सुविधा व समस्याओं के निदान किये जाने से अभी भी वंचित चल रहा है।
उन्होंने सभी व्यापारियों से वर्ष के अंतिम पडाव में एक बार फिर अपील की कि व्यापार मंडल के कार्यक्रमों व आंदोलनों को सफल बनाने में सक्रिय भूमि अदा करें क्योंकि आंदोलनों के बिना केन्द्र व राज्य सरकार व्यापारियों की समस्याओं के प्रति गंभीर नहीं होगी। उन्होंने कहा कि व्यापारी आंदोलन का पिछला इतिहास इस बात का गवाह है कि संघर्ष आंदोलन व व्यापारी एकता के समक्ष सरकार को हमेशा नतमस्तक होना पड़ा है। उन्होंने आशा प्रकट की कि वर्ष 2026 में बेहतर कारोबार होगे और गांव की पगडंडी से लेकर महानगरों तक एकता, सदभावना विकास का संचार होगा। उन्होंने सभी व्यापारियों को नववर्ष की शुभकामनाएं भी दी। बैठक में प्रमुख रूप से जिलाध्यक्ष शीतल टण्डन, जिला महामंत्री रमेश अरोडा, जिला कोषाध्यक्ष कर्नल संजय मिडढा, मेजर एस.के.सूरी, बलदेव राज खुंगर, अशोक मलिक, संजीव सचदेवा, अभिषेक भाटिया आदि मुख्य रूप से मौजूद रहे।
