राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस पर उपभोक्ताओं को अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्य के प्रति भी जागरूक किया, किसान दिवस व क्रिसमस के पर्व की बधाई भी दी

गौरव सिंघल, सहारनपुर। प्रत्येक वर्ष भारत वर्ष में उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 1986 की वर्षगांठ व 24 दिसम्बर को मनाये जाने वाले राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस पर उ.प्र. उद्योग व्यापार मण्डल की जिला इकाई के उपभोक्ता मंच के तत्वावधान में स्थानीय रेलवे रोड पर एक बैठक का आयोजन किया गया। इस अवसर पर व्यापार मण्डल के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व जिलाध्यक्ष शीतल टण्डन ने कहा कि उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम की व्यवस्था प्रदेश में लागू किये 36 वर्ष से भी अधिक समय बीत चुका है, इसके बावजूद प्रदेश के अधिकांश उपभोक्ता आज भी इन व्यवस्थाओं के संरक्षण से वंचित ही बने हुए हैं। इसमें प्रदेश के ग्रामीण एवं गृहणियां मुख्य रूप से शामिल हैं। इस सम्बन्ध में आज व्यापारी प्रतिनिधियों द्वारा पूर्ति अधिकारी नीरज सिंह से मांग की गयी कि इन व्यवस्थाओं का प्रचार व प्रसार अधिक से अधिक नागरिकों को किया जाये। शासन और प्रशासन स्तर पर साल में एक बार 15 मार्च को उपभोक्ता दिवस का आयोजन महज एक औपचारिकता तक ही सीमित बनाकर अपनी उपयोगिता की तलाश कर रहा है। 

शीतल टण्डन ने कहा कि व्यापार मण्डल द्वारा पहले भी सुझाव रखा गया था कि उपभोक्ता आंदोलन का जन-जन तक प्रचार व प्रसार होना चाहिए। उन्होंने कहा कि 10 दिसम्बर 1986 को उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम संसद में पारित हुआ था और 24 दिसम्बर 1986 को इस पर राष्ट्रपति की मोहर लगी थी और उ.प्र. में दिसम्बर 1989 को 45 जिलों में उपभोक्ता फोरमों का गठन किया गया था। श्री टण्डन ने कहा कि उपभोक्ता आंदोलन को और सुदृढ़ किया जाना चाहिए। साथ ही विद्यमान अधिनियम का सुदृढीकरण करना, उपभोक्ता शिकायतों का शीघ्र निस्तारण, बाजार में आए परिवर्तनों के साथ गति बनाये रखने के लिए विधेेयक को और अधिक आधुनिक बनाना होगा। श्री टण्डन ने कहा कि चुनने का अधिकार, सूचित किये जाने का अधिकार, शिकायत का अधिकार, सुरक्षित उत्पादों का अधिकार, जानकारी प्राप्त करने का अधिकार, सुने जाने का अधिकार ये सभी उपभोक्ताओं को प्राप्त है और उपभोक्ता मंच के माध्यम से उपभोक्ता मोबाइल एप और राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाईन की भी सुविधा केन्द्र सरकार द्वारा दी गयी है और उपभोक्ताओं का शोषण न हो इसके लिए राष्ट्रीय स्तर पर जागो ग्राहक जागो का भी नारा दिया गया है। श्री टण्डन ने कहा कि हाल ही के वर्षों में बैकिंग सेवाओं, मोबाइल, आटो मोबाइल व ऑन लाईन की खरीद-बिक्री करने वाले उपभोक्ताओं को अनेक कठिनाईयों का सामना करना पड़ रहा है, इसके लिए भी केन्द्र व राज्य सरकारों को दूरगामी उपाय करने होगें। 

जिला उपभोक्ता मंच के संयोजक मेजर एस.के.सूरी व जिला महामंत्री रमेश अरोड़ा ने संयुक्त रूप से कहा कि मूल रूप से भारतीय संस्कृति के अनुरूप ग्राहक भगवान का रूप होता है और उसी के कारण ही व्यापारी की रोजी रोटी चलती है और कोई भी व्यापारी अपने ग्राहक को नाराज नहीं करना चाहता। उन्होंने कहा कि इस्तेमाल के लिए जो भी वस्तुएं खरीदी जाती है व सेवाएं ली जाती है, खरीदार की अनुमति के साथ ऐसी वस्तुओं व सेवाओं को इस्तेमाल करने वाला भी उपभोक्ता है। उपभोक्ताओं को समस्याओं के साथ समझौता नहीं करना चाहिए तुरंत समाधान के लिए उपभोक्ता मंच से सम्पर्क करना चाहिए। बैठक में राष्ट्रीय किसान दिवस के अवसर पर व्यापारी प्रतिनिधियों ने पूर्व प्रधानमंत्री चौ.चरण सिंह का स्मरण करते हुए कहा कि वे किसानों व देश की जनता में बेहद लोकप्रिय है और किसान देश के अन्नदाता है और व्यापारी और किसान एक दूसरे के पूरक है। इस अवसर पर आज व्यापारियों द्वारा क्रिसमस के पर्व की बधाई दी गयी। 

वक्ताओं ने कहा कि देश के किसानों के मसीहा व पूर्व प्रधानमंत्री चौ.चरण सिंह की जयंती के दिन किसान दिवस मनाये जाने तथा क्रिसमस पर्व जो प्रेम,करूणा, एकता व भाईचारे का संदेश देता है और केवल ईसाई समाज का ही नहीं यह पूरे विश्व का क्रिसमस सबसे प्रमुख त्योहार है। व्यापारी प्रतिनिधियों द्वारा गत दिवस क्रिसमस के अवसर पर निकाली गयी शोभायात्रा का रेलवे रोड पर स्वागत भी किया गया। 

बैठक में प्रमुख रूप से जिलाध्यक्ष शीतल टण्डन, जिला महामंत्री रमेश अरोडा,  मेजर एस.के.सूरी, पवन कुमार गोयल, अशोक मलिक, अभिषेक भाटिया, संजय महेश्वरी, अनिल गर्ग, बलदेव राज खुंगर, संजीव सचदेवा, मुरली खन्ना आदि व्यापारी मौजूद रहे। 

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