गौरव सिंघल, नागल। भारतीय किसान मजदूर संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सरदार वीएम सिंह ने कहा कि जिस दिन सरकार एमएसपी पर कानून बना देगी उस दिन किसानों की सभी समस्याएं स्वत: ही समाप्त हो जाएंगी। दिल्ली से देहरादून जाते समय नागल में कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए जोरदार स्वागत से गदगद सरदार वीएम सिंह ने कहा कि हम काफी समय से एमएसपी के लिए लड़ाई लड़ रहे हैं।
सरदार वीएम सिंह ने कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले हमने ही संघर्ष की शुरुआत की थी, मगर आंदोलन में कुछ गलत लोग आ गए जो कहने लगे थे कि हमारी असली मांग एमएसपी नहीं है, मगर आज वही लोग एमएसपी की हमारी मांग को जायज बताने लगे हैं। गन्ना भुगतान के संबंध में उन्होंने कहा कि यह समस्या कई दशक पुरानी है, इसके लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है, जिसके चलते किसानों को गन्ना भुगतान होना शुरू भी हुआ है।
उन्होंने कहा कि संघर्ष के परिणाम स्वरूप सरकार ने यह व्यवस्था बनाई थी कि जब तक किसानों को गन्ने का पूर्ण भुगतान नहीं मिलेगा तब तक उसके विरुद्ध ऋण चुकाने की कोई जोर जबरदस्ती नहीं की जाएगी तथा न ही किसी तरह का उत्पीड़न होगा, मगर अब इस व्यवस्था को तहस-नहस कर किसानों का उत्पीड़न शुरू हो चुका है। उन्होंने कहा कि पहले सरकार 26 सितंबर तक गन्ने का समर्थन मूल्य घोषित कर देती थी मगर अब 26 दिसंबर भी आने को है लेकिन सरकार ने आज तक गन्ने के समर्थन मूल्य की घोषणा नहीं की है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि किसानों को अपने हक के लिए एकजुट होना होगा गांव-गांव तथा घर-घर में किसान संघर्ष की मजबूती को बल प्रदान करेंगे तभी किसानों की समस्याओं का समाधान हो सकेगा।
इस दौरान चौधरी बलजीत सिंह, जिलाध्यक्ष लोकेश राणा, प्रदेश सचिव संदीप कुमार, उपाध्यक्ष कंवरपाल, कमलजीत सिंह, परमजीत सिंह, साजिद, जितेंद्र चौधरी, ऋषि पाल सिंह, संदीप, गजेंद्र सिंह, रूद्र प्रताप सिंह, सूर्य प्रताप सिंह, गौरव, राकेश धीमान, गजेंद्र बीडीसी, राहुल वालिया, अमरीश कुमार, मेनपाल, नेत्रपाल, मनोज गौतम, नीरज वालिया, गुलाब सिंह, अमित वालिया, रमेश कुमार, गुलशन आदि मौजूद रहे।


