गौरव सिंघल, रामपुर मनिहारान। थाना पुलिस ने हत्या की घटना में वांछित महिला अभियुक्ता सहित कुल तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। अभियुक्त के कब्जे से घटना में प्रयुक्त एक देशी तमंचा 315 बोर, 01 जिन्दा कारतूस 315 बोर व एक खोखा कारतूस (नाल में फंसा) बरामद किया है। बता दे कि बीती 09 जून को थाना जनपद शामली के गांव खेडी बैरागी निवासी सुलेखचन्द पुत्र हरि सिंह ने अपने पुत्र शिवकुमार की गोली मारकर हत्या करने करने का मामला पंजीकृत कराया गया था। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा तत्काल घटना का संज्ञान लेकर घटना में लिप्त अभियुक्तों की गिरफ्तारी व बरामदगी हेतु आदेश-निर्देश दिए गये थे।
ममाले में प्रभारी निरीक्षक उम्मेद कुमार के नेतृत्व में मुखबिर की सूचना पर थाना पुलिस ने हत्या में वांछित कर्मवीर पुत्र सिरदारा व विमला पत्नी रोहताश को चुनहैटी फ्लाईओवर के नीचे से गिरफ्तार किया है। इसके साथ ही वांछित तीसरे अभियुक्त रवि कुमार पुत्र बृहमपाल को शिवदास पुलिया के पास से गिरफ्तार किया है। अभियुक्त रवि की निशादेही पर घटना में प्रयुक्त आला कत्ल 01 देशी तमंचा 315 बोर, 01 जिन्दा कारतूस 315 बोर व 01 खोखा कारतूस 315 बोर (नाल मे फसा) बरामद हुआ है।
पूछताछ में अभियुक्त कर्मवीर ने बताया कि मेरी भांजी आकांक्षा का उसी के ही गाँव के शिवकुमार पुत्र सलेकचन्द से करीब चार-पांच वर्षों से प्रेम प्रसंग चल रहा था। दोनो एक ही गाँव व एक ही बिरादरी होने के चलते कई बार समझाया भी गया था, लेकिन इसी साल फरवरी के महीने में आकांक्षा और शिवकुमार दोनो ने लव मैरिज कर ली थी और शिवकुमार मेरी भांजी आकाक्षा को लेकर तभी से ही मुजफ्फरनगर में रह रहा था। कर्मवीर ने बताया कि दो-तीन दिन पहले हमें पता चला था कि 09 जून को मेरी भांजी आकांक्षा का सहारनपुर के रामपुर मनिहारान क्षेत्र में उ0प्र0 पुलिस का पेपर है। उसने बताया कि ये पता चलने के बाद मैं तथा मेरा भांजा मंजीत उर्फ आकाश, मेरी बहन विमला व मेरी बडी भांजी मौसम तथा उसका लडका आदित्य तथा मंजीत का दोस्त रवि आदि हम छः लोग आकांक्षा से बात करने रामपुर मनिहारान पेपर के सेन्टर पर पहुँच गये थे। उसने बताया कि मेरी बहन विमला व बडी भांजी मौसम ने आकांक्षा को घर चलने के लिए कहा तो आकांक्षा ने घर चलने से मना कर दिया और जब आकांक्षा और शिवकुमार गाडी में दो अन्य लोगों के साथ बैठकर अपने घर जाने लगे तो मैंने तथा मेरे भांजे मंजीत उर्फ आकाश व मंजीत के दोस्त रवि ने आपस में सलाह की कि जब आकांक्षा और शिवकुमार हमारी बात नहीं मान रहे है और गाँव में हमारी बेज्जती करा दी है तो मै तथा मेरा भांजा मंजीत, मेरी बहन विमला व रवि आपस में एक राय हो गये कि आज दोनों को जान से मार देते है। इसके बाद मै तथा मंजीत और रवि मोटर साईकिल पर बैठकर आकांक्षा और शिवकुमार की गाडी के पीछे-पीछे चल दिये और मौका देखकर मै मोटर साईकिल से नीचे उतर गया तथा उसके बाद मंजीत और उसके दोस्त रवि ने शिव कुमार की गाडी के पास जाकर रवि ने गाड़ी में बैठे शिवकुमार को बराबर वाली खिडकी से देशी तमंचे से गोली मार दी। गोली मारकर हम सभी मौके से पकडे जाने के डर से भाग गये।
