शि.वा.ब्यूरो, मुजफ्फरनगर। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर श्री राम कॉलेज के बायोसाइंस विभाग द्वारा एक भव्य वृक्षारोपण एवं पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों एवं समाज में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा हरित एवं स्वच्छ वातावरण के निर्माण हेतु प्रेरित करना था। कार्यक्रम का शुभारंभ श्री राम कॉलेज की प्राचार्य डॉ. प्रेरणा मित्तल, बायोसाइंस विभागाध्यक्ष डॉ. विपिन कुमार सैनी तथा एग्रीकल्चर विभागाध्यक्ष डॉ. नईम अली ने महाविद्यालय परिसर में विभिन्न प्रकार के पौधों का रोपण कर संयुक्त रूप से किया गया। इस अवसर पर बायोसाइंस एवं एग्रीकल्चर विभाग के लगभग 200 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्राचार्य डॉ. प्रेरणा मित्तल ने कहा कि वृक्ष मानव जीवन के आधार हैं। उन्होंने कहा कि वे न केवल हमें ऑक्सीजन प्रदान करते हैं, बल्कि जलवायु संतुलन बनाए रखने, जैव विविधता के संरक्षण तथा प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से अधिक से अधिक वृक्ष लगाने एवं उनके संरक्षण का आह्वान किया। बायोसाइंस विभागाध्यक्ष डॉ. विपिन कुमार सैनी ने विद्यार्थियों को पर्यावरण को प्रदूषणमुक्त रखने के विभिन्न उपायों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति का कर्तव्य है कि वह अपने आसपास के वातावरण को स्वच्छ रखने तथा प्रकृति के संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाए।
एग्रीकल्चर विभागाध्यक्ष डॉ. नईम अली ने पर्यावरण के प्रमुख घटकों वायु, जल एवं मृदा के महत्व को विस्तार से समझाया। उन्होंने बताया कि इन प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण मानव जीवन, कृषि उत्पादन तथा सतत विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों को पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने हेतु जिम्मेदार नागरिक बनने का संदेश दिया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने वृक्षारोपण के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण से संबंधित विभिन्न गतिविधियों में भाग लिया तथा पृथ्वी को हरित एवं स्वच्छ बनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का समापन पर्यावरण संरक्षण के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता एवं जागरूकता के संदेश के साथ हुआ। कार्यक्रम में विकास कुमार त्यागी, जेहरा हुसैनी, सालीनी मिश्रा, दिव्या पटियाल, सचिन कुमार, सुबोध कुमार, व पिंकू इत्यादि का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

