दहेज हत्या के मामले में मृतका का पति दोषी, सास-ससुर दोषमुक्त करार

 

गौरव सिंघल, सहारनपुर। बसपा के पूर्व विधायक विजयपाल सिंह की बेटी की दहेज हत्या के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश कक्ष संख्या तीन ने मृतका के पति सेल टैक्स अधिकारी अश्वनी सिंह को दोषी करार दिया है। वहीं, साक्ष्यों के अभाव में सास-ससुर को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया गया। सजा सुनाने के लिए अदालत ने 4 मई की तारीख निर्धारित की है। बरेली के फरीदपुर विधानसभा सीट से बसपा के पूर्व विधायक विजयपाल सिंह की बेटी गीतू की शादी छह मई 2013 को मेरठ के मोहल्ला गंगाधाम कॉलोनी निवासी अश्वनी सिंह के साथ हुई थी। तब अश्वनी सिंह सेल टैक्स अधिकारी थे और सहारनपुर में तैनाती थी। शादी के बाद वह अपनी पत्नी गीतू के साथ कोतवाली सदर बाजार के हकीकतनगर में किराए के मकान पर रहते थे। अश्वनी सिंह के पिता रिटायर्ड जिला जज और मेरठ में उपभोक्ता फोरम के सदस्य रहे हैं। सदर बाजार थाने में पूर्व विधायक की तरफ से प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। इसमें बताया था कि दामाद और बेटी के ससुराल पक्ष के लोग दहेज में दो करोड़ की मांग कर रहे हैं। मांग पूरी न होने पर गीतू को प्रताड़ित किया जाता था। बताया कि 16 नवंबर 2014 को गीतू के साथ मारपीट की गई और छत से धक्का दे दिया। सूचना मिलने पर परिजन सहारनपुर पहुंचे, जहां शव जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखा मिला था। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार किया। सहायक शासकीय अधिवक्ता दीपक सैनी ने बताया कि पुलिस ने जांच के बाद आरोप पत्र अदालत में दाखिल किया था। सुनवाई के दौरान प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने अश्वनी सिंह को दोषी ठहराया, जबकि सास-ससुर को दोषमुक्त कर दिया। दोषी को चार मई को सजा सुनाई जाएगी।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतका के शरीर पर 12 स्थानों पर चोट के निशान मिले थे। सिर में गंभीर चोट और सीने की चार पसलियां टूटी पाई गई थीं, जिससे मारपीट की पुष्टि हुई थी। इसी आधार पर पुलिस ने मामले की जांच को आगे बढ़ाया है।

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