गौरव सिंघल, सहारनपुर। मां शाकुम्बरी विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर डा. विमला वाई ने यूनिवर्सिटी के वनस्पति विभाग के छात्रों से कहा कि आज हर्बल एवं प्राकृतिक उत्पादों की मांग तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में औषधीय पौधों का वैज्ञानिक अध्ययन और अनुसंधान अत्यंत आवश्यक हो गया है। उन्होंने छात्रों से इन विषयों में अध्ययन और अनुसंधान करने पर जोर दिया।
आज मां शाकुम्बरी देवी विश्वविद्यालय के छात्रों ने इंडियन हबर्स स्पेशियलिटीज प्राइवेट लिमिटेड सहारनपुर का शैक्षणिक औद्योगिक भ्रमण किया। जिसका उद्देश्य छात्रों को औषधीय पौधों और उनके औद्योगिक उपयोग और हर्बल उत्पादों के निर्माण की प्रक्रियाओं से अवगत कराना था।
इस दौरान विद्यार्थियों ने विभिन्न औषधीय पौधों की पहचान, उनके गुणों, उनसे तैयार होने वाली औषधियों की जानकारी ली। इंडिया हबर्स इंडस्ट्री के निदेशक सुधाकर अग्रवाल और राघव अग्रवाल ने छात्रों को हर्बल उत्पादों के निर्माण की विभिन्न प्रक्रियाओं, गुणवत्ता नियंत्रण, पैकेजिंग और विपणन के बारे में जानकारी दी। कहा कि हर्बल औषधियां आमतौर से सुरक्षित होती है और उनके दुष्प्रभाव भी कम होते हैं। इस कारण इनका उपयोग बड़े स्तर पर किया जा रहा है। यूनिवर्सिटी के कुलसचिव कमल कृष्ण ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रमों से छात्रों के ज्ञान और कौशल को विकसित करने में मदद मिलती है। छात्रों ने एचपीटीएलसी, जीसीएमएस, शोक्सलेट, स्पेक्ट्रो फोटोमीटर एवं सोनीकेटर जैसे उपकरणों की जानकारी ली। इस दौरान डा. हर्ष सिंह, डा. संदीप कुमार और छात्रों में वंश, सूभी, अंशुल, गायत्री, अर्चित, अंजुम, आकांक्षा, शिरीन, श्रद्धा, खुशी, आंचल और अलिशा की भागीदारी रही।
