गौरव सिंघल, सहारनपुर। ओलावृष्टि और बेमौसमी बारिश से जनपद में गेहूं, सरसों की फसल को भारी नुकसान हुआ है और आम का बौर भी इसकी चपेट में आया है। जिला प्रशासन हुए नुकसान का पता लगाकर शीघ्र से शीघ्र पीड़ित किसानों को मुआवजा प्रदान करेगा। तेज हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश और ओलावृष्टि ने पूरे जनपद में खेतों में खड़ी गेहूं की तैयार फसल को भारी नुकसान पहुंचाया है। तेज हवाओं ने गेहूं की फसल को खेतों में बिछा दिया है। तीतरो, नानौता और गंगोह क्षेत्र के किसानों ने बताया कि कई इलाकों में ओलावृष्टि इतनी अधिक थी कि थोड़े समय में ही खेतों में सफेद चादर सी बिछ गई। अम्बेहटा क्षेत्र के गेहूं उत्पादक किसानों जयपाल सिंह, नरेंद्र चौधरी, अपला सिंह, काला सिंह, बृजेंद्र सिंह, कुंवरपाल सिंह ने बताया कि उनकी गेहूं की फसल खेतों में गिरने से खराब हो गई है। तीतरो में तीसरे पहर 30 से 40 मिनट तक लगातार ओलावृष्टि हुई। आम का बौर इसके प्रभाव से छोटा होगा और आम के बागों में कच्चे फल टूटकर गिर गए। बागों में लाखों की फसल बर्बाद हो गई। सुरेंद्र कुमार, रणबीर सिंह, वीरेंद्र सिंह, रमेश कुमार, करमवीर सिंह ने गेहूं के फसल का नुकसान होने की बात कही है। सरसों की फसल को भी नुकसान हुआ है।
जिले में इस बार गेहूं की फसल का क्षेत्रफल 1.13 लाख हेक्टेयर है और 11 हजार हेक्टेयर में सरसों की फसल खड़ी है। जिले में तापमान 34 डिग्री सेल्सियस चल रहा था जो 8 डिग्री गिरकर 26 डिग्री सेल्सियस हो गया और न्यूनतम तापमान 12 डिग्री सेल्सियस पर आ गया। उपकृषि निदेशक डा. संदीप पाल ने बताया कि 100 से ज्यादा किसानों की शिकायतें मिली हैं और जिले में नामित बीमा कंपनी के पास 74 किसानों ने अपनी फसल के नुकसान होने की बात कही है। बड़गांव, दल्हेड़ी, लखनौती, महंगी, गंगोह क्षेत्र के गांव बिलासपुर, दूधला और बाग ठेकेदार शाहिद, नसीम और अनीस ने कच्चे आम भारी मात्रा में टूटकर गिरने की शिकायत की है। राजस्व विभाग और कृषि विभाग नुकसान के हुए आंकलन में जुट गया है।

