डॉ. दशरथ मसानिया, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र।
जनगणना से देश का, होता रोज विकास।
आय-व्यय पूरी करें,सारे जन की आश।।1
तैंतीस कालम में लिखें,सारे जन का हाल।
सावधान हो के भरें, करें देश खुशहाल।।2
जनगणना के पांच भाग,जान लीजिए सार।
कालम सात भवन के, अरु आठ परिवार।।3
पानी बिजली स्वच्छता,नौ कालम विख्यात।
फिर संपत्ति संचार में,कालम पूरे सात।।4
और आखरी में करें,दो कालम में गान।
बहुत ध्यान से कीजिए, कहत हैं कवि मसान।।5
प्रथम भवन का आंकड़ा, फिर मकान का आन।
संख्या दोनों जानकर, फिर आगे को ज्ञान।।6
फर्श दीवार जानिए, छत सामग्री ज्ञात।
उपयोग हाल जानके,कालम भरिये सात।।7
परिवार की संख्या लिखें, फिर व्यक्ति का योग।
मुखिया नाम लिंग अरु, जाति श्रेणी जोड़।।8
स्वामित्व की स्थिति लिखें, फिर कमरे को जान।
विवाहित जोड़े ज्ञातकर, फिर आगे को आन।।9
पानी बिजली स्वच्छता,नौ कालम में जान।
सावधान हो कर लिखें,कहत है कवि मसान।10
पानी स्रोत उपलब्धता,कर बिजली उल्लेख।
शौचालय कालम भरें, फिर नाली को देख।।11
स्नान रसोई जानिए,अरु कनेक्शन गैस।
ईंधन का उल्लेख कर, तभी चलेगा देश।।12
ट्रांजिस्टर टीवी अरु, इंटरनेट उल्लेख।
कंप्यूटर टेलीफोन भी, पूरे का हो लेख।।13
दो पहिया अरु चार के,भरें तीस इकतीस।
बत्तीस अनाज का भरें, मोबाइल तैंतीस।।14
प्रगणक पूरे देश के, शत-शत करूं प्रणाम।
डोर तुम्हारे हाथ में,भारत की हो शान।।15
दिन पंद्रह से तीस तक, माह अप्रैल जान।
स्वयं कालम लिख सकें,जनगणना अभियान।16
प्राचार्य एवं विकास खंड शिक्षा अधिकारी बडोद, आगर (मालवा) मध्यप्रदेश
