गौरव सिंघल, सहारनपुर। एक किचन शोरूम ने ग्राहक को खराब चूल्हा दे दिया। ग्राहक की शिकायत के बाद भी चूल्हे की कमियों को शोरूम मालिक द्वारा न दूर किया गया और न ही चूल्हा बदला गया। ग्राहक द्वारा इसकी शिकायत न्यायालय जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में की गई। जिसके बाद आयोग ने शोरूम मालिक पर पांच हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है। शिकायतकर्ता राजकुमार खुराना ने आयोग को प्रार्थना पत्र देकर बताया था कि उन्होंने 25 फरवरी 2024 को शोरूम से चूल्हा खरीदा था। इसके लिए उन्होंने 1400 रुपये भी अदा किए थे। बिल मांगने पर मालिक ने कहा कि उनकी बिल बुक, लेटरपैड सीए के पास जीएसटी रिटर्न फाइल करने के लिए गई है। मालिक ने उन्हें कच्चा बिल देकर 15 दिन बाद पक्का बिल ले जाने का आश्वासन दिया।
उन्होंने बताया कि उनके छोटे भाई का देहांत होने के चलते वह पक्का बिल नहीं ले सके। आरोप लगाया कि चूल्हा लेने के कुछ समय बाद ही उसमें खराबी आ गई। जुलाई 2024 को उन्होंने चूल्हे को ठीक करने के दिया। एक माह बाद उन्हें चूल्हा वापस मिला, लेकिन इसके बाद भी उसने सही से कार्य नहीं किया। इसके बाद आयोग में शिकायत की। कई बार नोटिस देने के बाद भी आरोपी ने कोई जवाब नहीं दिया। सुनवाई के दौरान आरोपी ने अपने समर्थन में कोई भी साक्ष्य और कथन प्रस्तुत नहीं किया। अध्यक्ष सतीश कुमार, सदस्य नूतन शर्मा और राजीव कुमार ने सुनवाई के बाद किचन शोरूम मालिक को चूल्हे की कीमत वार्षिक ब्याज सहित के साथ वाद व्यय, मानसिक कष्ट के रूप में पांच हजार रुपये अदा करने के आदेश दिए हैं।
