गौरव सिंघल, सहारनपुर। पर्यावरणविद् और पानी पर काम करने वाले उमर अली सैफी ने आज बताया कि उनके संस्थान से जुड़े दो अध्ययनकर्त्ताओं नोहा सैफी और कमल देव ने सहारनपुर के शिवालिक पर्वत क्षेत्र में सहंसड़ा नदी के पास खुदाई में डायनासोर के साढ़े छह करोड़ वर्ष पुराने अंडे मिले हैं, जिनका पुरातात्विक महत्व है। उन्होंने कहा कि प्राप्त अंडों को विस्तृत जांच के लिए कई संस्थाओं को भेजा गया है। उन्होंने बताया कि इन अंडों के मिलने से अनुमान है कि सहारनपुर का शिवालिक क्षेत्र में अति प्राचीन समय में डायनासोर और उनकी प्रजाति के अन्य दुर्लभ जीवों का प्रवास था। प्राप्त अंडों का बाहरी ढांचा हड्डी की तरह दिखाई देता है और वे कैल्शियम काब्रोनेट के ठोस पदार्थ बन चुके हैं।
उमर अली सैफी ने बताया कि कुछ समय पहले इसी क्षेत्र से डायनासोर कालीन हाथियों की स्टेगोडान प्रजाति का 50 लाख वर्ष पुराना दांत का जीवाश्म मिला था। उमर अली सैफ ने बताया कि जांच में यदि इन जिवाशम के डायनासोर के अंडे होने की पुष्टि हो जाती है तो अपने आपमें यह अत्यंत महत्वपूर्ण होगा।
