संदीप वत्स, मुजफ्फरनगर। सर्राफा बाजार स्थित दुर्गा पंचायती मंदिर में चैत्र नवरात्रि के चतुर्थ दिन पं. दिनेश चंद वशिष्ठ ने कहा कि कुष्मांडा देवी जगत का भरण पोषण करने वाली देवी है। सर्राफा बाजार में आयोजित नवरात्रि महोत्सव में चतुर्थ दिन मां के चैथे स्वरूप मां कुष्मांडा की विधिवत पूजा की गई। पंडित दिनेश चंद वशिष्ठ ने मुख्य यजमान श्याम बाबू सर्राफ द्वारा पूजा अर्चना सम्पन्न करायी। पंडित दिनेश वशिष्ठ ने मां कुष्मांडा की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि मां कुष्मांडा मूलतः प्रकृति की देवी है। समस्त ब्रह्मांड का सृजन इन्हीं देवी से माना जाता है। उन्होंने कहा कि ब्रह्मांड के सृजन से पहले निराकार रूप में मां कुष्मांडा ही ब्राह्म नाद कहलाती है, जिसके माध्यम से सब जड़ चेतन सृजित किया गया है। उन्होने कहा कि मां आदिशक्ति कुष्मांडा ही अन्नपूर्णा के रूप में समस्त जीवों का पालन करती हैं। उन्होंने कहा कि मां आदिशक्ति शाकंभरी के रूप में प्रकट होकर शिवालिक पहाड़ियों में महाकाली का रूप धारण कर रक्तबीज जैसे महा दानव का अंत करती हैं। उन्होंने कहा कि मां कुष्मांडा का मूल रूप निराकार रूप में है, जो समस्त ब्रह्मांड की शक्ति अपने स्वरूप में धारण किए हुए हैं।
उन्होंने कहा कि मां कुष्मांडा की तप एवं भक्ति किए बिना जीवन में आध्यात्मिक उन्नति संभव नहीं है। मां कुष्मांडा की कृपा से जीव सभी सुखों को भोगकर मोक्ष की प्राप्ति करता है। अध्यक्ष दीपक मित्तल ने कहा कि यह मंदिर सदियों पुराना है और मां की विशेष कृपा यहां निवास करती है। उन्होंने कहा कि तपस्या, संतान प्राप्ति, व्यापारिक उन्नति जैसी हर मनोकामना पूरी होती है। संरक्षक सुशील महेश्वरी ने कहा कि सच्ची श्रद्धा ही चमत्कार का आधार है। उन्होंने कहा कि हम रोजाना विशेष पूजाएं आयोजित करते हैं। मंदिर परिसर में फूलों से सजी मां दुर्गा की प्रतिमा के दर्शन के लिए दूर-दूर से भक्त पहुंच रहे हैं।
इस दौरान दीपक मित्तल सर्राफ, अशोक सर्राफ, सुशील माहेश्वरी, निखिल मित्तल, राम स्वरुप, विजय वर्मा, संजीव गर्ग, कार्तिक गर्ग, शुभम गोयल, अंकुर वर्मा, राहुल शर्मा, संदीप गर्ग, हर्ष कुमार शामिल रहे। बाद में सभी को खीर के भोग के प्रसाद का वितरण किया गया।
