शि.वा.ब्यूरो,मुजफ्फरनगर। एसडी कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज के तत्वाधान में आज एसडीसीएमएस इनक्यूबेशन फाउंडेशन द्वारा एक दिवसीय बौद्धिक संपदा अधिकार विषय पर वर्कशॉप का आयोजन किया गया। यह वर्कशाप काउंसिल ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी उत्तर प्रदेश"के सौजन्य से प्रायोजित हुई। कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों में नवाचार, रचनात्मकता तथा बौद्धिक संपदा अधिकार के प्रति जागरूकता उत्पन्न करना था। कार्यक्रम का शुभारम्भ प्राचार्य डा० आलोक कुमार गुप्ता, प्रोफेसर जेपी बिजनेस स्कूल, जेआईआईटी, नोएडा डा० सुनील कुमार यादव, प्रोफेसर और हेड टीबीआई-एनाआईईटी, ग्रे०नोएडा डा0 संजय कुमार, फाउंडर आई स्टॉप आईपी सोल्यूशन स्वाति वार्ष्णेय, प्राचार्य डा० संदीप मित्तल, इनक्यूबेशन मैनेजर मुकुल जैन, बबली तोमर, रितू मित्तल, डा० विभूति अग्रवाल, पारूल कुमार द्वारा माँ सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलित व पुष्प समर्पित करके किया गया। प्राचार्य डा0 आलोक कुमार गुप्ता द्वारा मुख्य अतिथियों को स्मृति चिन्ह व प्रशस्ति पत्र भेंट कर स्वागत किया गया।
इस अवसर पर कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आलोक गुप्ता ने कहा कि आज के ज्ञान आधारित युग में किसी भी व्यक्ति की सबसे बड़ी पूंजी उसके विचार और नवाचार हैं। यदि इन विचारों की उचित सुरक्षा नहीं की जाए, तो उनका दुरुपयोग होने की संभावना बनी रहती है। उन्होंने कहा कि तकनीकी सत्र के प्रथम राऊंड में डा० संजय कुमार (प्रोफेसर और हेड टीबीआई-एनाआईईटी, ग्रे०नोएडा) ने बताया कि भारत में स्टार्टअप संस्कृति के बढ़ते प्रभाव के साथ IPR की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो गई है। उन्होंने कहा कि जो विद्यार्थी आज नए-नए आइडियाज पर काम कर रहे हैं, वे भविष्य के उद्यमी बन सकते हैं, इसलिए उन्हें अपने विचारों को सुरक्षित करने की प्रक्रिया को समझना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि किसी भी नए उत्पाद सेवा या तकनीक को बाजार में लाने से पहले उसके IPR संरक्षण पर ध्यान देना चाहिए। उन्होने छात्रों को एमटीआर, बीटीडब्लू, IKEA जैसे सफल कम्पनियों के उदाहरण देते हुये नये-नये विचारों को सोचने की ओर प्रेरित किया।
तकनीकी सत्र के दूसरे व तीसरे राउंड में मुख्य स्पीकर स्वाति वार्ष्णेय ने डिजिटल युग में IPR सुरक्षा की राह: आवेदन से लेकर स्वीकृति तक तथा स्टार्ट-अप और IPR की चुनौतियों व अवसरों पर चर्चा की। उन्होंने IPR के विभिन्न प्रकार जैसे पेटेंन्ट, ट्रेडमार्क, कॉपीराइट व भौगोलिक संकेतक व उनके उपयोग के बारे में बताया। उन्होनें कहा कि इंटरनेट और सोशल मीडिया के माध्यम से सामग्री का तेजी से प्रसार होता है, जिससे कॉपीराइट उल्लंघन की संभावना बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि ऐसे में विद्यार्थियों को यह समझना चाहिए कि वे दूसरों की बौद्धिक संपदा का सम्मान करें और स्वयं भी अपनी सामग्री को सुरक्षित रखने के उपाय अपनाएं। उन्होनें छात्रों को अपनी बौद्धिक संपदा को सुरक्षित रखने के लिए जरूरी कानूनी कार्यवाही के बारे में समझाया ।
तकनीकी सत्र के चौथें राऊंड में डा० सुनील कुमार यादव ने कहा कि वे केवल जानकारी प्राप्त करने तक सीमित न रहें, बल्कि अपने अंदर नवाचार की सोच विकसित करें और समाज के लिए उपयोगी समाधान प्रस्तुत करें। उन्होंने कहा कि IPR उन्हें अपने इन प्रयासों को सुरक्षित रखने और आगे बढ़ाने में मदद करता है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाएं विद्यार्थियों के लिए अत्यंत लाभकारी हैं, क्योंकि ये उन्हें व्यावहारिक ज्ञान प्रदान करती हैं और उन्हें आत्मनिर्भर तथा नवाचारी बनने की दिशा में प्रेरित करती हैं।
तकनीकी सत्र के पाचवें राउंड में कार्यक्रम के संयोजक व इनक्यूबेशन मैनेजर मुकुल जैन ने कहा कि पेटेंट, कॉपीराइट, ट्रेडमार्क और डिजाइन जैसे अधिकार किसी भी नवाचार को पहचान और सुरक्षा प्रदान करते हैं, जिससे आविष्कारक को उसका उचित श्रेय और आर्थिक लाभ मिल सके । वर्कशॉप में मेरठ, खतौली व मुजफ्फरनगर से लगभग 300 विद्यार्थियों, शोधार्थियों एवं शिक्षकों ने अपना ऑनलाईन रजिस्ट्रेशन करके उत्साहपूर्वक उपस्थित होकर प्रतिभाग किया। सत्र के दौरान अनेक प्रश्न पूछे जिनका उत्तर विशेषज्ञों द्वारा विस्तार से दिया गया। वक्ताओं ने अपने अनुभवों के माध्यम से IPR की प्रक्रिया एवं उसके व्यावहारिक उपयोग को सरल भाषा में समझाया। कार्यक्रम के अंत मे प्रतिभागियों को प्रशस्ति पत्र भेंट किये गये।
कार्यक्रम के सहसंयोजक डा० शुभम तायल ने कहा कि यह कार्यशाला विद्यार्थियों के लिए अत्यंत ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायक सिद्ध होगी, जिसने उन्हें नवाचार के क्षेत्र में आगे बढ़ने तथा अपने विचारों की सुरक्षा के प्रति जागरूक होने में सहायक होगी। Feedback सत्र के दौरान विद्यार्थियों ने इस कार्यशाला से प्राप्त ज्ञान को अपने भविष्य में उपयोगी बताते हुए इस प्रकार के आयोजनों की सराहना की ।
कार्यक्रम का संचालन डा० विभूति अग्रवाल ने किया। इस अवसर पर डा० वैशाली, डा० संजीव तायल, राजीव पाल सिंह, ईशान अग्रवाल, डा० पोपिन कुमार, डा० कुलदीप सैनी, प्रवीण कुमार, डा० सौरभ जैन, डा० वर्तिका गुप्ता, मोनिका पंवार, प्रियंका, विरेन्द्र कुमार, मोनिका, मानसी अरोरा, डा० श्वेता संगल, देवेश गुप्ता, महिमा मंगल, प्रशान्त तोमर, जितेन्द्र कुमार, आदित्य कश्यप, अन्नु त्यागी, स्वाति गर्ग, उमंग शर्मा, आयुष गुप्ता, विवेक सैनी, ऋषभ सिंघल, तरंग शर्मा, वैशाली, संगीता कौशिक, वरूण कुमार, राजीव कुमार, संदीप गर्ग, रश्मि कौशिक, अनुराग सैनी, रवि भार्गव आदि उपस्थित रहें ।




