सांसद चंदन सिंह चौहान के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से की मुलाकात

सुरेंद्र सिंघल, नई दिल्ली/सहारनपुर। सहारनपुर में उच्च तकनीक शिक्षा के संस्थान आईआईटी की स्थापना किए जाने की प्रबल संभावना है। यह बात आज यहां तीन बार विधायक एवं इतनी ही बार प्रदेश सरकारों में मंत्री रह चुके और भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं विचारक संजय गर्ग ने कही। उन्होंने बताया कि रालोद सांसद चंदन सिंह चौहान के नेतृत्व में जनप्रतिनिधियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से मुलाकात की। जिसमें कैराना के पूर्व सांसद प्रदीप चौधरी और आचार्य नागेश्वर शर्मा भी शामिल थे। 

संजय गर्ग ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को बताया कि सहारनपुर जिला मुख्यालय पर आईआईटी रुड़की (उत्तराखंड) का 25 एकड़ द्वितीय परिसर स्थित है, जहां पर पेपर इंजीनियिरिंग, पॉलिमर एंड प्रोसेस इंजीनियरिंग एवं एप्लाइड मैथ और साइंटिफिक कम्प्यूटरिंग में एम टैक एवं पीएचडी के केवल 150 छात्र-छात्राएं ही शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। उसी परिसर से सटा केंद्रीय वाणिज्य विभाग के तहत सेंटर फॉर पेपर एंड पल्प रिसर्च इंस्टीटयूट (सीपीपीआरआई) का 110 एकड़ का परिसर भी स्थित है। संजय गर्ग ने धर्मेंद्र प्रधान से कहा कि इन दोनों परिसरों को मिलाकर सहारनपुर में नई आईआईटी की स्थापना की जाए। 

संजय गर्ग का कहना था कि देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में अभी तक मात्र दो ही आईआईटी कानपुर और वाराणसी ही है। सहारनपुर पश्चिमी उत्तर प्रदेश का हरियाणा और उत्तराखंड की सीमाओं से सटा मंडल मुख्यालय है। सहारनपुर में आईआईटी की स्थापना से पश्चिमी उत्तर प्रदेश के साथ-साथ पूरे भारत के प्रतिभाशाली युवाओं को उच्च तकनीक एवं इंजीनियरिंग की स्तरीय शिक्षा प्राप्त हो सकेगी। संजय गर्ग के मुताबिक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने उनके इस प्रस्ताव की सराहना की और भरोसा दिया कि हम सहारनपुर में नई आईआईटी की स्थापना कर सकते है। उन्होंने श्री संजय गर्ग से कहा कि इस संबंध में उन्हें अपेक्षित सहयोग प्रदान करें।

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