गुड वर्कः वांछित शातिर डकैत कपिल उर्फ रावण दबोचा, निशानदेही पर लूट का माल भी बरामद

शि.वा.ब्यूरो, खतौली। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा के सुपरविज़न, पुलिस अधीक्षक नगर सत्यनारायण प्रजापत, क्षेत्राधिकारी राम आशीष यादव, थाना प्रभारी दिनेश चन्द्र के नेतृत्व में थाना पुलिस ने स्थानीय मौहल्ला लाल मौहम्मद में हुई डकैती की घटना का खुलासा करते हुए मुख्य अभियुक्त कपिल उर्फ रावण व उसकी निशानदेही पर डकैती में लूटे गये पीली व सफेद धातु कें आभुषण नाजायज अस्लाह तथा घटना मे प्रयुक्त मोटर साईकिल स्पेलण्डर बरामद की है। 

थाना पुलिस के अनुसार डकैती के मुख्य अभियुक्त जनपद के ग्राम नियामु थाना चरथावल निवासी कपिल उर्फ रावण पुत्र निर्दोष की निशानदेही पर बिना नम्बर की एक स्पेलण्डर प्लस मोटरसाईकिल, गहने रखने के 24 लेडिज पर्स, गहने रखने के 14 छोटे बडे डिब्बे, सबीना बेगम का पासपोर्ट, तीन पहचान पत्र व एक हेल्थ कार्ड, एक 315 बोर का तमंचा मय 02 जिन्दा कारतूस, दो जोडी पाजेब सफेद धातु, एक हार पीली धातु, जिस पर सफेद, लाल, नीले, हरे व सटरी रंग के नग व मोती लगे हैं। इसके साथ ही दो माथे के टीके पीली धातु जिन पर अलग-अलग रंग के नग लगे हैं, चार कडे पीली धातु, दो कांन के टांप्स पीली धातु जिन पर नग लगे हैं, तीन अंगूठी लेडिज पीली धातु की, एक अंगुठी सफेद धातु, एक पैर का बिछवा बरामद किया गया है। 

पूछताछ के दौरान कपिल उर्फ रावण ने बताया कि करीब एक वर्ष पहले मैं उत्तराखण्ड में चोरी के मामले में पौडी जेल में गया था, वहाँ पर डकैती के मुकदमें में बन्द मुजफ्फरनगर निवासी मुसीर पुत्र तस्लीम से मुलाकात हुई, चूंकि दोनों एक ही जिले के रहने वाले थे तो आपस में दोस्ती हो गयी थी। अभियुक्त कपिल उर्फ रावण ने बताया कि जब वो जमानत पर जेल से छूटा तो मुशीर को अपना नम्बर दे दिया था।  जेल से छूटने के बाद हम लोग कई बार वहीं रामपुर तिराहे पर मिले। वहीं पर दोनों ने एक बड़ी लूट करने की योजना बनाई थी। मुशीर के जीजा फुरकान के दोस्त नासिर को अपना निशाना बनाया। इससे पूर्व मुशीर ने अपने जीजा के माध्यम से नासिर के घर के सभी सदस्यों से बातचीन करके बातो-बातों में यह जानकारी भी प्राप्त कर ली कि अभी कुछ दिन पहले ही इन्होंने दो करोड़ रुपये की जमीन बेची है, जिस कारण इनके पास अच्छा खासा पैसा है। मुशीन ने ये बात कपिल को बतायी तो उन्होंने अपनी काफिफ, शुभम, व बुलन्दशहर निवासी तुषार व मुशीर ने अपने भांजे अरहम पुत्र फुरकान को भी योजना में शामिल कर लिया। 

कपिल ने बताया कि मुशीर के भांजे अरहम ने सूचना दी कि परिवार के सभी लोग अपनी भांजी के वलीमें में जा रहे हैं और घर खाली रहेगा। उसने बताया कि ज्यादा से ज्यादा दो या तीन व्यक्ति मिल सकते हैं। अच्छा मौका देखकर 05 दिसम्बर 2025 को हम दोनो कासिफ, शुभम सेन्ट्रो कार से हाइवे पर पहुंचे तो तुषार वहीं मिला। अरहम ने अपने मामा मुशीर को व्हाट्स काल पर बताया कि सभी लोग दावत मे जा रहे हैं। 

कपिल ने बताया कि पूर्व योजना के अनुसार पहले से गन्ने के खेत में छुपायी गयी एक मोटरसाईकिल कासिफ, कपिल और तुषार हेलमेट व मास्क लगाकर गये। मुशीर तथा शुभम गाड़ी से आये थे। योजना के अनुसार मुशीर तथा शुभम का काम थाने के पास रहकर पुलिस पर नजर रखना था। इसके साथ ही शुभम का यह भी काम था कि पकडे जाने पर वकीलों से सम्पर्क करना व कोर्ट में पैरवी करने की जिम्मेदारी मेरी थी। पूर्व योजना के अनुसार कपिल, तुषार व कासिफ ने घर में घुसकर लूट की घटना को अंजाम दिया। मुशीर व शुभम ने बाहर खडे होकर निगरानी व रैकी की थी। घटना के बाद लूटे हुए माल को आपस में बांट लिया था।

पुलिस सूत्रों के अनुसार मुख्य अभियुक्त कपिल उर्फ रावण का लम्बा आपराधिक इतिहास है। उसके खिलाफ कोटद्वार मंे तीन, हरिद्वार मंे एक हापुड में एक व खतौली में दो मुकदमें विभिन्न गम्भीर धाराओं में दर्ज हैं। मामले का खुलासा करने वाली टीम में थाना प्रभारी दिनेश चन्द्र, निरीक्षक कमल किशोर, वरिष्ठ उपनिरीक्षक राजकुमार बालियान, उपनिरीक्षक तेजवीर सिहं, उपनिरीक्षक प्रदीप द्विवेदी, उपनिरीक्षक अनिल तोमर, हैड कांस्टेबल मुनीश कुमार, हैड कांस्टेबल शीतल देव चैधरी, हैड कांस्टेबल उमेश मावी, हैड कांस्टेबल जितेन्द्र सिहं, हैड कांस्टेबल विकास कुमार, कांस्टेबल शौबीर, कांस्टेबल विवेक सिरोही, व कांस्टेबल हेमंत शामिल रहे।



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