शि.वा.ब्यूरो, खतौली। आम आदमी पार्टी ने भारत की प्रथम महिला शिक्षिका, समाज सुधारक, कवयित्री और नारी मुक्ति आंदोलन की अग्रदूत सावित्री बाई फुले को श्रद्धासुमन अर्पित किए। उनकी मूर्ति पर फूल मालाएं चढ़ा कर भाव पूर्ण श्रद्धांजलि दी। 3 जनवरी 1831 को महाराष्ट्र के सतारा जिले के नायगांव में जन्मी सावित्रबाई फुले का जीवन संदेश देता है शिक्षा ही मुक्ति का मार्ग है। जिला अध्यक्ष अरविन्द बालियान ने बताया कि माता सावित्रीबाई फूले ने शिक्षा को सामाजिक क्रांति का सबसे बड़ा हथियार मानते हुए शोषित व वंचित समाज के अधिकारों के लिए संघर्ष किया। जब बालिकाओं की शिक्षा को पाप माना जाता था तब उनके पति ज्योतिराव फूले ने स्वयं सावित्री बाई फुले को पढ़ना लिखना सिखाया और शिक्षिका बनाने लिए प्रेरित किया।
श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष कुलदीप तोमर ने कहा कि माता सावित्रीबाई फुले नारी शिक्षा , सामाजिक समानता और बहुजन आंदोलन की प्रेरणा हैं। उनका जीवन संदेश देता है कि शिक्षा ही मुक्ति का मार्ग है। जिला महासचिव अजय चौधरी ने उनके जीवन परिचय पर प्रकाश डालते हुए बताया कि महाराष्ट्र राज्य में 1831 में जन्मी सावित्री बाई फुले का विवाह 1840 में ज्योतिराव फूले से हुआ। 1847 में उन्होंने पढ़ना शुरू किया और देश की प्रथम महिला शिक्षिका बनी। 1897 में प्लेग रोगियों की सेवा करते हुए संक्रमित होने से उनकी मृत्यु हुई। कार्यक्रम में अरविन्द बालियान, कुलदीप तोमर, अजय चौधरी, सुशील अहलावत, अलीम रोशन, मनोज कुमार, सुलेमान तावली, के पी सिंह सोम प्रेमपाल, अजय बरवाला आदि मुख्य रूप से शामिल हुए।

