विश्व ध्यान दिवस पर श्री राम कॉलेज में मेडिटेशन द लाइफ चेंजर विषय पर कार्यशाला आयोजित

शि.वा.ब्यूरो, मुजफ्फरनगर। श्रीराम कॉलेज (स्वायत्त) में विश्व ध्यान दिवस के अवसर पर द आर्ट ऑफ लिविंग संस्था के सहयोग से मेडिटेशन द लाइफ चेंजर विषय पर एक अत्यंत उपयोगी एवं ज्ञानवर्धक कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें कॉलेज के संपूर्ण फैकल्टी सदस्यों तथा विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यशाला का उद्देश्य शिक्षकों, विद्यार्थियों को तनाव प्रबंधन, शारीरिकदृमानसिक संतुलन तथा समग्र स्वास्थ्य के वैकल्पिक और प्रामाणिक तरीकों से परिचित कराना था। कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक दीप प्रज्वलन के साथ हुई, जिसने सकारात्मक ऊर्जा, ज्ञान, स्वास्थ्य और सात्त्विकता का संदेश दिया। 

बतौर मुख्य वक्ता डॉ. नीलम राय वर्मा वरिष्ठ फैकल्टी द आर्ट ऑफ लिविंग, श्री राम कॉलेज के निदेशक डॉ. अशोक कुमार, श्री राम कॉलेज प्राचार्या प्रो. प्रेरणा मित्तल, उप-प्राचार्य डॉ. सौरभ मित्तल, डायरेक्टर श्री राम कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग डॉ एस एन चौहान, डीन आई क्यू एसी विनीत शर्मा, डॉ विवेक त्यागी विभागाध्यक्ष बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन विभाग, डॉ पूजा तोमर विभागाध्यक्ष बेसिक साइंस विभाग द्वारा किया गया। दीप प्रज्वलन के माध्यम से सभी अतिथियों ने यह संदेश दिया कि ज्ञान, स्वास्थ्य और मानसिक शांति का प्रकाश समाज व संस्थान को नई दिशा प्रदान करता है।

डॉ. नीलम ने बताया ध्यान (मेडिटेशन) मन को गहरी शांति प्रदान करता है और व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है। नियमित ध्यान अभ्यास से तनाव, चिंता और नकारात्मक सोच में कमी आती है, जिससे मानसिक संतुलन बना रहता है। मेडिटेशन एकाग्रता और आत्मविश्वास को बढ़ाकर निर्णय लेने की क्षमता को मजबूत करता है। यह न केवल मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है, बल्कि शारीरिक स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक प्रभाव डालता है। ध्यान के माध्यम से व्यक्ति अपने भीतर छिपी शक्ति को पहचानकर एक सुखद, संतुलित और सफल जीवन की ओर अग्रसर होता है  उन्होंने विद्यार्थियों को नियमित रूप से ध्यान अपनाने के लिए प्रेरित किया। कॉलेज की प्राचार्य डॉ. प्रेरणा मित्तल ने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धात्मक एवं तनावपूर्ण वातावरण में ध्यान जीवन को संतुलित एवं उद्देश्यपूर्ण बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। कार्यक्रम का संचालन डॉ. चित्रा श्रीवास्तव ने किया। डॉ. नीलम वर्मा को पट्टिका पहनाकर तथा प्रतीक चिन्ह से सम्मानित किया उन्होंने कहा कि यह सत्र शिक्षकों एवं  विद्यार्थियों के लिए अत्यंत प्रेरणादायक और उपयोगी रहा। 

इस अवसर पर कार्यशाला के मुख्य वक्ता डॉ. नीलम राय वर्मा, वरिष्ठ फैकल्टी, द आर्ट ऑफ लिविंग को कार्यक्रम में पहुंचने पर पुष्प् गुच्छ भेंट कर उनका हार्दिक स्वागत किया गया। उन्होंने ध्यान के शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक लाभों पर विस्तार से प्रकाश डाला। साथ ही उन्होंने उपस्थित छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों को व्यावहारिक ध्यान सत्र भी कराया, जिससे सभी प्रतिभागियों ने मानसिक शांति एवं सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव किया।

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