शि.वा.ब्यूरो, चन्दौली। दि मोरल के सम्पादक शिवशरण त्रिपाठी ने अदनान फाउण्डेशन की साहित्यिक, सांस्कृतिक सामाजिक पत्रिका हाल- फिलहाल के पहला अंक की प्रसंशा करते हुए कहा है कि यकीनन वर्तमान समय मे जब इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का प्रभाव दिनों-दिन बढ़ता जा रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे में प्रिंट मीडिया का प्रभावित होना विस्मय की बात नहीं है, लेकिन इसका मतलब यह भी नहीं है कि परिस्थितियों से मुकाबला ही न किया जाए। पत्र पत्रिकाएं निकालने और उन्हें चलाने का प्रयास ही न किया जाए।
शिवशरण त्रिपाठी ने हाल- फिलहाल के सम्पादक के साहस की प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसी स्थिति में आपका षटमासिक पत्रिका हाल फिलहाल निकलना एक सराहनीय प्रयास है। उन्होंने भरोसा जताया है कि आप अपने प्रयासों में सफलता के नये मापदण्ड स्थापित करेंगे।
हाल- फिलहाल के सम्पादक अफसर खान ने लेखकों व अन्य शुभचिन्तकों से अपील की है कि आगामी अंक मंे प्रकाशित करने के लिए अप्रकाशित रचनाएं 31 जनवरी 2026 तक उन्हें भेज सकते हैं।
