शि.वा.ब्यूरो, मुजफ्फरनगर। श्रीराम कॉलेज के बायो साइंस विभाग के तत्वाधान में आयोजित शैक्षणिक शोध एवं जैव-उद्यमिता विषय पर एक प्रोफेशनल डेवलपमेंट प्रोग्राम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे Rapture Biotech India के संस्थापक मयंक राज भारद्वाज का स्वागत बायोसाइंस के विभागाध्यक्ष डॉ. विपिन कुमार सैनी ने किया। मुख्य अतिथि ने शोध के क्षेत्र में उपलब्ध रोजगार के विविध अवसरों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि आज के समय में अकादमिक रिसर्च, इंडस्ट्रियल रिसर्च, कॉन्ट्रैक्ट रिसर्च ऑर्गनाइजेशन (CRO) तथा अनुसंधान एवं विकास (R&D) लैब्स में बायोसाइंस विद्यार्थियों के लिए व्यापक संभावनाएँ उपलब्ध हैं।
स्टार्टअप संस्कृति पर चर्चा करते हुए मयंक राज भारद्वाज ने कहा कि नवाचार और समस्या-आधारित सोच के माध्यम से युवा शोधकर्ता अपने विचारों को सफल उद्यम में बदल सकते हैं। बायो-उद्यमिता के महत्व को रेखांकित करते हुए उन्होंने बताया कि किस प्रकार बायोटेक, फार्मा, डायग्नोस्टिक्स, एग्री-बायोटेक और हेल्थकेयर जैसे क्षेत्रों में स्टार्टअप स्थापित कर आत्मनिर्भरता और रोजगार सृजन को बढ़ावा दिया जा सकता है। उन्होंने फार्मा एवं बायोटेक उद्योगों में करियर की संभावनाओं पर विस्तार से जानकारी दी, जिसमें रिसर्च साइंटिस्ट, प्रोडक्शन, क्वालिटी कंट्रोल, रेगुलेटरी अफेयर्स, मार्केटिंग एवं बिजनेस डेवलपमेंट जैसे विभिन्न पदों की चर्चा की गई।मयंक राज भारद्वाज ने कहा कि केवल सैद्धांतिक ज्ञान ही नहीं, बल्कि प्रायोगिक अनुभव, इंटर्नशिप और उद्योग से जुड़ाव भी करियर निर्माण में अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने अपने अनुभवों के माध्यम से शोध को उद्यमिता से जोड़ने के व्यावहारिक उदाहरण प्रस्तुत किए, जिससे विद्यार्थियों को यह समझने में मदद मिली कि किस प्रकार शोध कार्य को व्यावसायिक रूप देकर समाज और उद्योग दोनों के लिए उपयोगी बनाया जा सकता है। श्रीराम कॉलेज की प्राचार्य डा0 प्रेरणा मित्तल ने फार्मा उद्योग में रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D), प्रोडक्शन, क्वालिटी कंट्रोल (QC)), क्वालिटी एश्योरेंस (QA।), रेगुलेटरी अफेयर्स, क्लिनिकल रिसर्च, ड्रग सेफ्टी, मार्केटिंग एवं मेडिकल रिप्रेजेंटेशन जैसे विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार की संभावनाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने इन पदों के लिए आवश्यक शैक्षणिक योग्यता, तकनीकी कौशल, प्रशिक्षण और इंडस्ट्री-रेडी अप्रोच के महत्व को भी रेखांकित किया।
श्रीराम कॉलेज के निदेशक डा0 अशोक कुमार ने यह संदेश दिया कि निरंतर कौशल विकास, इंटर्नशिप, इंडस्ट्रियल एक्सपोजर और प्रोफेशनल एथिक्स अपनाकर वे बायोसाइंस व फार्मा उद्योग में एक सफल एवं स्थायी करियर बना सकते हैं। उनके मार्गदर्शन से विद्यार्थियों को उद्योग-आधारित करियर विकल्पों की स्पष्ट समझ प्राप्त हुई और वे अपने भविष्य को लेकर अधिक आत्मविश्वास महसूस करने लगे। डॉ. विकास कुमार त्यागी ने धन्यवाद ज्ञापन किया। कार्यक्रम मे उपस्थित श्रीराम कॉलेज के निदेशक डा0 अशोक कुमार व श्रीराम कॉलेज की प्राचार्य डा0 प्रेरणा मित्तल, डॉ बुशरा आकिल, विकास कुमार त्यागी, अंकित कुमार, आयुषी पाल, तनु त्यागी, मौ0 सलमान, जेहरा हुसैनी, सबा राणा, सालीनी मिश्रा, दिव्या पटियाल, सचिन कुमार, सुबोध कुमार, व पिंकू आदि मुख्य रूप से मौजूद रहे।



