उत्तराखंड के देहरादून-हरिद्वार जिलों का राजस्व रिकार्ड अभी भी सहारनपुर में

गौरव सिंघल, सहारनपुर। कभी सहारनपुर जिले में शामिल रहे उत्तराखंड की राजधानी देहरादून और हरिद्वार जिलों का राजस्व रिकार्ड अभी भी सहारनपुर में ही है। इस विसंगति के चलते इन दोनों जिलों के लोगों को खासी परेशानियां उठानी पड़ती हैं और राजस्व संबंधी मामलों के लिए सहारनपुर राजस्व विभाग का रूख करना पड़ता हैं। सहारनपुर के डीआईजी स्टांप संजय श्रीवास्तव ने आज बताया कि सहारनपुर का राजस्व विभाग उत्तराखंड सरकार को राजस्व का रिकार्ड उत्तराखंड ले जाने के लिए अनेक पत्र लिख चुका है लेकिन वहां की सरकार द्वारा कोई कदम नहीं उठाने से स्थिति जस की तस बनी हुई है। अंग्रेजी राज में 1868 से देश विभाजन तक देहरादून, मसूरी और हरिद्वार सहारनपुर जिले का हिस्सा हुआ करते थे। उस समय सहारनपुर मुख्यालय था और भू-राजस्व का रिकार्ड सहारनपुर में ही रखा गया था। वर्ष 1987 में हरिद्वार सहारनपुर से अलग होकर अलग जिला बन गया था और 1999 में उत्तर प्रदेश से अलग होकर उत्तराखंड अलग प्रांत बन गया था इसके बावजूद हरिद्वार और देहरादून दोनों जिलों का भूराजस्व का रिकार्ड सहारनपुर ही बना हुआ है। 

हाल ही में देहरादून निवासी एक महिला ने सहारनपुर के थाना सदर बाजार में दर्ज कराई एफआईआर में शिकायत की कि सहारनपुर में रखे भूराजस्व रिकार्ड में छेड़छाड़ की गई हैं। थाना प्रभारी सदर बाजार प्रभाकर कैंतुरा ने पत्र भेजकर सहारनपुर के डीआईजी स्टांप संजय श्रीवास्तव को इस महिला का राजस्व रिकार्ड उपलब्ध कराने को कहा हैं। इस तरह से वर्षों पूर्व सहारनपुर से अलग हो चुके उत्तराखंड के महत्वपूर्ण इन दो जिलों का भू-राजस्व रिकार्ड सहारनपुर से ना जाने को लेकर बड़ी समस्या बना हुआ है।

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