शि.वा.ब्यूरो, मुजफ्फरनगर। जैन एकता मंच युवा शाखा के राष्ट्रीय अध्यक्ष गौरव जैन ने बताया कि जैन धर्मावलंबियों के आस्था के गढ़ सम्मेद शिखर जी पर आज संकट गहरा गया है। उन्होंने बताया कि सम्मेद शिखर जी को जब से वन्य अभयारण क्षेत्र (पर्यटक क्षेत्र) केंद्र व झारखण्ड सरकार द्वारा घोषित किया गया है, तब से जैन समाज इस तानाशाही निर्णय के विरुद्ध लामबंद होकर आंदोलनरत है व लगातार प्रयास कर रहें है कि यह निर्णय वापस लिया जाए, ताकि जैन समाज का पवित्र आस्था केंद्र शिखरजी की पवित्रता यथावत बनी रहे।
जैन एकता मंच युवा शाखा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने बताया कि इसी सम्बन्ध में जनपद में भी एक आंदोलनात्मक कार्यक्रम प्रस्तावित है, जिसके तहत नगर क्षेत्र के सभी साथी व परिवार जैन औषधालय प्रेमपुरी साथ ही मंडी व उसके आसपास के साथी व परिवार चौड़ी गली जैन मंदिर नई मंडी से एकत्रित होकर नगर के मुख्य बाजारों से होते हुए प्रकाश चौक पर मिलेंगे। उन्होंने बताया कि वहां से पूरा जत्था कचहरी की ओर प्रस्थान करेगा, जहां राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय वन एवं अभ्यारण्य मंत्री, मुख्यमंत्री झारखण्ड के नाम एक ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा जायेगा।
उन्होंने बताया कि इसी सम्बन्ध में नई मंडी चौड़ी गली जैन मंदिर, मुनीम कॉलोनी जैन मंदिर, जैन मिलान महिला मंडल, जैन मिलन मंदिर, जैन नगर कृष्णा पूरी मंदिर, अबूपुरा जैन मंदिर, णमोकार महासमिति, एसएस जैन सभा सिद्धार्थ कॉलोनी आदि जैन समाज के अनेको संगठनों व कमेटियों की बैठकें हुई, जिसमें एक मत से 25 दिसम्बर के कार्यक्रम को सफल बनायें जाने हेतु मंथन किया गया।
वक्ताओं ने बताया कि जैन समाज आज एकजुट है व सम्मेद शिखरजी को बचाने की लड़ाई में हर कुर्बानी देने को तैयार है। उन्होंने चेतावनी भी दी कि सरकार शीघ्र इस निर्णय को वापस ले अथवा एक लंबे आंदोलन व बहिष्कार के लिए तैयार रहे। बैठक में यह प्रस्ताव भी पास हुआ कि अगर सरकार जल्द इसमे कोई निर्णय नही लेती है तो इस ज्ञापन कार्यक्रम के पश्चात एक बड़ी पंचायत कर आगामी रणनीतिक तैयार की जाएगी। सभी ने पैदल मार्च व ज्ञापन कार्यक्रम को अपना समर्थन दिया व तय किया कि जैन औषधालय प्रेमपुरी तथा चौड़ी गली जैन मंदिर पर एकत्रित होकर बड़ी संख्या में जैन समाज कचहरी पहुंचेगा।



