सुरेंद्र सिंघल, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र।
किसान मसीहा एवं भारत रत्न चौधरी चरण सिंह एवं दिवंगत चौधरी अजित सिंह के वारिस केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का गठबंधन बेहद रास आ रहा है। भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व ही नहीं यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ भी रालोद नेताओं की करीबी बढ़ी है। इसके कई मजबूत संकेत साफ दिख रहे है। जयंत चौधरी पर बढ़ती निर्भरता का ही नतीजा है कि जाट बहुल पश्चिम उत्तर प्रदेश में भाजपा ने क्षेत्रीय अध्यक्ष जाट के बजाय गुर्जर बिरादरी के अपने पुराने साधारण से कार्यकर्ता पूर्व मंत्री नवाब सिंह नागर को बनाया है। रालोद कोटे के योगी सरकार में काबिना मंत्री और दलित युवा चेहरा अनिल कुमार जो मुरादाबाद जनपद के प्रभारी मंत्री भी है ने वरिष्ठ पत्रकार सुरेंद्र सिंघल से बातचीत में योगी के नेतृत्व, कार्यप्रणाली और किसान-गांव समर्थक नीतियों के तेजी से क्रियांवयन को लेकर उनके जमकर कसीदे पढे। उनका कहना है कि रालोद को भाजपा में और उन्हें योगी सरकार में भरपूर तव्वजों मिल रही है। बीती शाम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सहारनपुर दौरे के साथ उन्हें भी वहां बुलाकर लोक निर्माण विभाग संबंधी प्रस्ताव मांगे है। बैठक में रालोद के बिजनौर सांसद चंदन चौहान समेत पार्टी के अन्य जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे। अनिल कुमार ने कहा कि योगी की लोकप्रियता निरंतर बढ रही है। अयोध्या में श्रीराम मंदिर में चढ़ावे, दान-चंदे की लूट-चोरी की शर्मनाक घटना का योगी की छवि एवं सरकार पर कोई बुरा असर नहीं पड़ा है। योगी आत्मविश्वास से लबरेज होकर रोज दौरे कर रहे है। अनिल कुमार ने कहा कि उन्हें नहीं मालूम कि सहारनपुर में योगी जी की सभा कैसी रही पर दो दिन पहले वह योगी जी के साथ अपने प्रभार वाले मुरादाबाद जिले में थे और मुख्यमंत्री जी की कार में चौधरी भूपेंद्र सिंह भी थे। 15 किमी. मार्ग में सडकों के दोनो ओर उत्साहित भीड योगी जी का अभिवादन कर रही थी। जनसभा में भी 15 हजार की भीड थी।
सहारनपुर जनपद में नौ वर्षों में 35-36 बार आने वाले योगी आदित्यनाथ का अपना निजी जनाधार खडा हो गया है, यह कहते हुए अनिल कुमार बोले कि 2027 के विधान सभा चुनावों में रालोद नेता सभी 403 सीटों पर एनडीए के पक्ष में प्रचार और काम करेगा। हाल ही में वरिष्ठ नेता केसी त्यागी की अध्यक्षता में गठित संसदीय दल में खुद को एवं सांसद चंदन चौहान को नहीं रखे जाने पर अनिल कुमार के कहा कि शीर्ष स्तर पर तय हुआ है कि चुनाव लड़ने वाले नेता इसमें नहीं रखे जाएंगे। वह पुरकाजी से चुनाव लडेंगे और माननीय जयंत चौधरी जी महिला प्रतिनिधित्व बढ़ाने के लिए यशिका चौहान को चुनाव लडाना चाहते है इसलिए चंदन चौहान को भी संसदीय दल में नहीं रखा गया है। इस सवाल पर कि क्या रालोद अपने दो मुस्लिम विधायकों अशरफ अली खां (थानाभवन) और गुलाम मौहम्मद (सिवालखास) को एनडीए की ओर से उम्मीदवार बनाएगा, अनिल कुमार ने कहा कि जाट-मुस्लिम समीकरण बड़े चौधरी साहब और छोटे चौधरी साहब दोनों के समय में उनकी पार्टी का जनाधार और चुनावी रणनीति का हिस्सा रहा है। जयंत चौधरी उसी नीति पर मजबूती से चल रहे है। उन्होंने कहा कि भाजपा रालोद को जितनी ज्यादा सीटे देगी उतने ही बेहतर नतीजे पश्चिम में एनडीए के पक्ष में जाएंगे। अनिल कुमार के साथ रालोद सांसद चंदन चौहान ने भी कहा कि रालोद- भाजपा का गठबंधन टिकाऊ और मजबूत है। उन्होंने भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व की तारीफ की है। बोले किसान हितों को लेकर योगी जी बहुत संवेदनशील है। इससे उसका लोकप्रियता बढ़ी है। योजना आयोग के पूर्व सदस्य प्रोफेसर सुधीर पंवार जयंत चौधरी की बदलती सोच एवं रणनीति पर हैरत जताते हैं वह कहते हैं कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के नए सियासी हालत में सपा को लगता है कि विधानसभा चुनाव में एक मुश्त मुस्लिम सपा के पक्ष में लामबंद होगा और सत्ता विरोधी रुझान के चलते प्रमुख किसान बिरादरी खासकर जाट अखिलेश यादव के साथ जुड़ेंगे।
राजनीतिक विश्लेषक एवं वरिष्ठ पत्रकार देवबन्द, सहारनपुर(उत्तर प्रदेश)

